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एमपी में घूंघट में ‘लोकतंत्र’: बैठक में महिला उपाध्यक्ष व पार्षदों की चुप्पी, दो घंटे तक पति-बेटे बोलते रहे

Tue, 03 Mar 2026 03:39 PM IST
भिन्ड ब्यूरो भिंड ब्यूरो

सार

भिंड जिले के आलमपुर नगर परिषद की बैठक में महिला पार्षद घूंघट में चुप रहीं, जबकि उनके पति और बेटे अधिकारियों से विकास कार्यों पर चर्चा करते नजर आए। अधिकारियों द्वारा कोई आपत्ति न जताने से महिला प्रतिनिधित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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घुंघट में लोकतंत्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भिंड जिले के कस्बा आलमपुर की नगर परिषद में लंबे अंतराल के बाद आयोजित परिषद बैठक में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। बैठक में 9 में से अधिकांश वार्ड पार्षद उपस्थित रहे, लेकिन महिला पार्षद स्वयं चर्चा में भाग लेने के बजाय घूंघट में चुपचाप बैठी रहीं। उनके स्थान पर उनके पति और बेटे अधिकारियों से बातचीत करते नजर आए।

करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में विभिन्न विकास कार्यों और तकनीकी विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान कई महिला पार्षद पूरे समय मौन रहीं, जबकि उनके साथ आए पुरुष परिजन मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे। बैठक में मौजूद कुछ लोग इस दृश्य को देखकर मुस्कुराते नजर आए, वहीं कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने इसका विरोध भी जताया। उनका कहना था कि जब महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है, तो उन्हें स्वयं आगे आकर अपनी बात रखनी चाहिए।

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पति या परिवार के अन्य पुरुष देखते है काम
ग्वालियर-चंबल अंचल में इस तरह की तस्वीरें अक्सर देखने को मिलती हैं। यहां पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में कई बार महिलाओं को निर्वाचित तो करा दिया जाता है, लेकिन वास्तविक कार्य संचालन उनके पति या परिवार के अन्य पुरुष सदस्य संभालते हैं। अधिकारियों की बैठकों में भी वे ही शामिल होकर निर्णय प्रक्रिया में भाग लेते हैं।

कोई आपत्ति या कार्रवाई नहीं की

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आलमपुर नगर परिषद की इस बैठक में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां महिला पार्षद घूंघट डालकर बैठी रहीं और उनके पति व बेटे अधिकारियों से विकास कार्यों को लेकर चर्चा करते रहे। उल्लेखनीय है कि बैठक के दौरान अधिकारियों ने इस पर कोई आपत्ति या कार्रवाई नहीं की। इस घटनाक्रम ने महिला प्रतिनिधित्व की वास्तविक स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

घुंघट में लोकतंत्र

 

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