भिंड जिले में चंबल नदी बाढ़ पर है। बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ नदी से करीब डेढ़ किलोमीटर चौम्हों गांव में पहुंच गया। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को रस्सी से भैंस की तर्ज पर बंधक लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चंबल नदी में छोड़ा। चंबल नदी में बाढ़ के पानी के साथ करीब डेढ़ से दो किलोमीटर मीटर दूर चौम्हों गांव के नजदीक एक मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ आने की खबर से ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने जलीय जानवर को घेर लिया।
इसके बाद सभी ने मिलकर मगरमच्छ पर काबू पाया और उसके गले में रस्सी बांधने में सफल रहे। रस्सी का दूसरा शिरा बबूल के पेड़ से बांध दिया, जिससे मगरमच्छ भाग न सके। इसके बाद ग्रामीणों ने एकत्रित होकर चंबल नदी में छोड़ दिया।
बता दें भिंड जिले के करीब 100 गांव के रहवासियों की सांसें हलक में अटकी थी। सिंध का जल स्तर डेंजर जोन से 6 मीटर ऊपर बह रहा था। इस कारण से सिंध के किनारे बसे 33 गांव के आसपास पानी पहुंच चुका था। करीब एक दर्जन गांव में पानी घरों में घुस गया था। शनिवार रविवार की रात सिंध नदी में तेजी से पानी उतरा है। अब यह पानी मेंहदा घाट पर खतरे के निशान पर आ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंध नदी का जलस्तर गिर रहा है और खतरे के निशान से शाम तक नीचे पहुंच जाएगी।
इधर, चंबल नदी भी लगातार अपना रौद्र रूप दिखा कर डरा रही थी। चंबल का जल स्तर सुबह उदी घाट पर खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बढ़ चुका था। इस कारण से जिला प्रशासन ने चंबल नदी के किनारे के 18 गांव को अलर्ट किया था। इन गांवों को समय रहते खाली किए जाने की भी निर्देश दिए थे। ग्रामीणों को सुरक्षित इलाके में पहुंचने की सलाह दी गई थी, लेकिन शनिवार रविवार की रात से चंबल के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है और रविवार की सुबह 7:30 बजे सिंचाई विभाग के लोगों ने चंबल को खतरे के निशान पर नापा है।