भिंड जिले में एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौतों का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है और डॉक्टर्स की टीम को भी पोस्टमार्टम के लिए बुलाया गया है। वहीं ग्रामीणों ने कुछ मज़दूरों पर शिकार के लिए जहरीला दाना खिलाने का आरोप लगाया है।
मध्य प्रदेश के भिंड ज़िले में अचानक बुधवार को राष्ट्रीय पक्षी मोर की संदिग्ध मौत की ख़बर ने हलचल मचा दी। पता चला कि गोरमी थाना क्षेत्र के हरीक्षा गांव में एक-दो नहीं बल्कि 10 से 15 मोरों की मौत हुई है। जैसे ही ये खबर फ़ैली तो आनन-फानन में वन विभाग का अमला मौक़े पर पहुंचा।
ग्रामीणों ने बाहर से आए मजदूरों पर लगाया आरोप
हरीक्षा गांव में रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई दिनों से यहां सरसों की फ़सल काटने के लिए कुछ मज़दूर रह रहे हैं, जो गांव के ही स्कूल पर रुके हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन मोरों का शिकार करने के लिए शायद उन मज़दूरों ने ही दाने में ज़हर मिलाकर उन्हें खिला दिया है।
इस पूरे मामले को लेकर जिला वन अधिकारी मोहम्मद माज़ का कहना है कि उन्हें भी हरीक्षा गांव में राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत की जानकारी मिली थी। जिस पर वन अमले को भेजा गया है। साथ ही एक मेडिकल स्टाफ की टीम भी बुलाई गई है। इससे पोस्टमार्टम किया जा सके और मोरों की मौत का कारण पता चल सके। उसके बाद प्रकरण दर्ज कर जो भी अपराधी हैं, उस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि ये सभी मोर गांव में सरसों के खेत में मिले हैं, जहां बाहर से मज़दूर बुलाये गए थे, इसलिए अब जांच करेंगे उसके बाद ही कुछ बता पाएंगे कि आख़िर वहां क्या हुआ था।