मध्य प्रदेश के भिंड जिले में गांव को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए एक महिला लोगों को नंगे पैर घूमकर प्रेरित कर रही है। 28 वर्षीय सपना तोमर का ससुराल मेहगांव के गुंगावली गांव में है। सपना का कहना है कि उसका संकल्प है- जब तक पूरा गांव खुले में शौच से मुक्त नहीं हो जाएगा, तब पैरों में कुछ नहीं पहनूंगी।
सपना के इस संकल्प की कहानी भी कम डरावनी नहीं है। डेढ़ साल पहले उसकी सहेली खुले में शौच करने गई तो दो युवकों ने उसे दबोचकर दुष्कर्म कर दिया। बदनामी के डर से उसने घटना किसी को नहीं बताई बल्कि आत्महत्या कर ली। लेकिन इस घटना ने मृतका की सहेली सपना तोमर को इस हद तक झकझोर दिया कि उसने सेंडल पहनना ही छोड़ दिया।
इसी दौरान स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में शत-प्रतिशत शौचालय बनवाने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरकों की नियुक्ति की जा रही थी।