झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मांग रहा था रकम
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भिंड जिले के एक पुलिस हेड कांस्टेबल और आरक्षक को 20 हजार की जबरन वसूली करते गिरफ्तार किया गया है। ग्वालियर लोकायुक्त की 17 सदस्यीय टीम ने ये कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार मामला भिंड जिले के मालनपुर थाने का है। यहां पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष पचौरी ने शनिवार रात पहले से 307 और 354 के एक आरोपी कमल नागर की गिरफ़्तार की थी। इस दौरान फरियादी विकास जाटव भी मौक़े पर आरोपी के साथ मौजूद था। ऐसे में उसे भी केस में जबरन फंसाने की धमकी देते हुए हेड कांस्टेबल ने 20 हजार रुपये की मांग कर डाली।
फरियादी विकास ने ग्वालियर लोकायुक्त को शिकायत कर दी। उसने बताया कि वह गन्ने के रस की दुकान चलाता है। शनिवार रात क़रीब 10 बजे कमल नागर नाम का शख़्स मालनपुर स्थित दुकान पर आया था, जहां उसने रस पिया और अपने दोनों पैर में फ़्रैक्चर बताते हुए पास के इलाक़े में बाइक से छोड़ने की गुज़ारिश की। जब विकास उसे लेकर जा रहा था उसी दौरान रास्ते में आरोपी प्रधान आरक्षक मनीष पचौरी अपने साथी आरक्षक आशीष शुक्ला ने एक मामले में आरोपी रहे कमल नागर को धर दबोचा और साथ ले गई। उस समय तो पीड़ित विकास को छोड़ दिया गया, लेकिन अगले दिन रविवार को दोनों ने उसे थाने पर बुलाया और शराब की डिमांड की साथ ही धमकी भी दी कि कैम्प नागर ने अपने केस मेमो में उसका नाम भी लिया है ऐसे में अब उस पर भी 307 लगाएंगे इससे बचने के लिए 20 हज़ार रुपय देने होंगे।
लोकायुक्त ग्वालियर द्वारा दी गयी डिवाइस पर आरोपी मनीष पचौरी का एक ऑडियो भी रिश्वत की मांग करते रिकॉर्ड किया। जिसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस टीम ने केमिकल लगे हुए 20 हजार रुपये नोट फरियादी को दिए और रुपये मालनपुर थाने पर पहुंचकर आरोपी मनीष को दे दिए तभी लोकायुक्त ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।