देश का राष्ट्रीय चिह्न बनाने वाले तथा संविधान की मूल प्रति के पन्ने संवारने वाली टीम के सदस्य दीनानाथ भार्गव का शनिवार को यहां निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे।
उनकी पतोहू सापेक्षी भार्गव ने बताया कि वह पिछले कई सालों से हृदय की बीमारी से ग्रस्त थे। उनके दो पुत्र समेत चार बच्चे हैं। उनका बड़ा बेटा जर्मनी में रहता है।
बेतुल जिले के मुल्ताई में एक नवंबर 1927 को पैदा हुए भार्गव को विख्यात पेंटर नंदलाल बोस ने संविधान के पन्ने संवारने वाले दल में चुना था। भार्गव तब बीस साल के थे और शांति निकेतन में फाइन आर्ट्स की पढ़ाई कर रहे थे।