महाशिवरात्रि के मौके पर मंगलवार को धार जिले में आदिवासियों के सबसे बड़े पर्व भगोरिया का आगाज हुआ। ग्राम सुल्तानपुर में स्थित गंगामहादेव में पहले हाट का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 58 गांवों के आदिवासी शामिल होने पहुंचे। दूर-दूर से मांदल लेकर पहुंचे आदिवासियों ने भगवान शिव के दर्शन के बाद मेले की शुरुआत की और मांदल की थाप पर दिनभर थिरकते रहे। आदिवासी नृतक दल ने मांदल की थाप, बांसुरी की तान और थाली बजाते हुए कुर्राटी मारकर भगोरिया पर्व का जश्न मनाया।
करीब एक लाख लोगों ने किए दर्शन
प्रदेश में कोरोना की पाबंदियां हटने से इस बार करीब एक लाख श्रद्धालु गंगा महादेव धाम पहुंचे,जिसके चलते प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं फेल हो गई। गंगा महादेव धाम पहुंचने वाले मार्ग पर ग्राम सुल्तानपुर के पास लगे जाम में करीब 3 घंटे तक श्रद्धालु फंसे रहे।
बता दें धार जिले के सुल्तानपुर ग्राम के समीप गंगा महादेव के प्राचीन शिव मंदिर में हर साल पहला भगोरिया का मेला ग्राम पंचायत के द्वारा आयोजित किया जाता है। गंगा महादेव धाम को पांडवकालीन माना जाता है। मान्यता है कि पांडवों ने ही वनवास के समय इस मंदिर का निर्माण किया था।