भाइयों की मौत के बाद अस्पताल पहुंचे ग्रामीण
बैतूल जिले के मुलताई नगर में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के भीतर उतरने के बाद दो सगे भाइयों की जान चली गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, मुलताई के भगत सिंह वार्ड स्थित एक मकान में सेप्टिक टैंक का निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार शाम कार्य के दौरान एक मजदूर टैंक के भीतर उतरा, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आया। उसकी चिंता होने पर उसका भाई उसे देखने के लिए अंदर गया, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकल सका। दोनों के काफी समय तक बाहर नहीं आने पर उनके साथ मौजूद एक अन्य मजदूर ने स्थिति का पता लगाने की कोशिश की। उसने टैंक के अंदर झांककर देखा तो दोनों अचेत अवस्था में पड़े थे। मदद के लिए आवाज लगाने के दौरान उसकी भी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया।
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स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए तीनों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीसरे मजदूर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे तथा मामले की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से बंद पड़े टैंक के भीतर ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस के जमा होने के कारण मजदूरों का दम घुट गया। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगी।
इस हादसे ने एक बार फिर सीमित और बंद स्थानों में बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने के जोखिमों को उजागर कर दिया है। वहीं एक ही परिवार के दो भाइयों की असमय मौत से परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा दुख व्याप्त है।