बैतूल कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम भयावाडी में खेत में फैलाए बिजली करंट की चपेट में आने से दो आदिवासी युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया तो वहीं मामले की सुचना पर कोतवाली पुलिस और बिजली विभाग के जेईई घटना स्थल पहुंचे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया।
प्राप्त जानकारी अनुसार बीती रात भयावाडी निवासी किसान यादव के खेत में लगी फसल की जंगली सुवरों की सुरक्षा को लेकर किसान द्वारा खेत में खुले तारों में बिजली का करंट छोड़ा गया। जब दोनों मजदूर काम से घर लौट रहे थे कि इसी दौरान वे खुले करंट तारों के सम्पर्क में आ गए। जिससे घटना स्थल पर ही उनकी मौत हो गई। उनकी पहचान भयावाडी निवासी विनोद उईके उम्र 30 वर्ष और रोहित धुर्वे उम्र 25 वर्ष के रूप में की गई।
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घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों ने कहा कि जब किसान द्वारा करंट छोड़ा गया था तो इसकी सूचना आसपास के लोगों को देना था। तो वहीं जानकारों ने बताया कि यह पशु क्रूरता अधिनियम अंतर्गत एक अपराध है। इस तरह से तारों में करंट छोड़ना मतलब दुर्घटना को आमंत्रण देना है।
लापरवाही से उजड़े परिवार
किसान की लापरवाही से दो परिवारों के कमाऊ चिराग बुझ गये। बताया जा रहा है कि मृतकों के छोटे-छोटे बच्चे हैं, जो लापरवाही के चलते अनाथ हो गए। फिलहाल बैतूल पुलिस मामले की जांच कर रही है। तो वहीं परिजन कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।