रहस्यमयी जानवर की दहशत में लोग।
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मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में बीते एक माह से किसी अनजान जंगली जानवर का आतंक लगातार बना हुआ है। जिले के लिंबई गांव में इस अज्ञात जानवर ने 17 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया था। इनमें से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इधर वन विभाग के हाथ अब तक खाली हैं और उन्हें किसी जानवर के होने का कोई सुराग तक हाथ नहीं लग सका है। वहीं लगातार हो रही मौतों से घबराये घायलों के परिजन दवा के साथ ही दुआ का सहारा लेते हुए भगवान की शरण में प्रार्थना करते देखे जा रहे हैं। इधर बुधवार को क्षेत्र के दोनों सांसद और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों की बात करवाई और सीएम ने भी मृतकों के परिवारों को 8-8 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत करते हुए समुचित इलाज का भरोसा दिलाया है। वहीं, कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन ने भी पीड़ितों से मुलाकात कर 1-1 करोड़ की सहायता राशि और सरकारी नौकरी की मांग जिला प्रशासन से की है।
बड़वानी जिले के राजपुर विकासखंड से महल 7 किलोमीटर दूर बसे ग्राम लिंबई में इन दिनों किसी अनजान जंगली जानवर की दहशत साफ देखी जा रही है। बीती पांच मई की सुबह इस जानवर ने अलग-अलग स्थानों पर घरों के बाहर सो रहे तीन गांवों के कुल 17 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। प्रारंभिक इलाज के बाद इन सभी की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई थी, लेकिन धीरे धीरे अबतक इनमें से अकेले लिम्बई ग्राम के 6 लोगों की मौत हो चुकी है। उसके बाद से राजपुर मुख्यालय के नरावला तालाब के आगे बसे लिंबई ग्राम में भय का माहौल बना हुआ है।
हमले सुबह 4 से 6 बजे के बीच
ग्राम लिंबई में अनजान वन्य प्राणी ने भैरव घाट के पास दो लोगों को निशाना बनाया था, उनकी मौत हो चुकी है। घटना के बाद से ही राजस्व टीम मृतकों के परिजनों के लिए सहायता राशि का सर्वे कर रही है। इधर ग्राम के सरपंच पति राकेश जमरे के अनुसार, जानवर ने उनके गांव के 13 लोगों और 5 पशुओं पर हमला किया था। इनमें से 6 लोग और 4 पशु मारे गए हैं। सभी पीड़ितों पर मुंह के पास हमला किया गया था। वन्य जीव के ये हमले सुबह 4 से 6 बजे के बीच हुए थे, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी वन विभाग जानवर की पहचान नहीं कर पाया है।
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संक्रमण का कारण नहीं बता पा रहा स्वास्थ्य विभाग
इधर स्वास्थ्य विभाग भी अब तक घायलों में फैल रहे संक्रमण का कारण नहीं बता पा रहा है। एहतियात के तौर पर घायलों को एंटी रेबीज इंजेक्शन सहित अन्य उपचार दिया जा रहा है। यहां घायलों की लगातार हो रही मौतों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं गांव में भय के कारण कई घरों पर ताले तक लटक रहे हैं। घायल लोग डर के मारे दूसरों से मिलने से भी कतरा रहे हैं। इसको लेकर वन विभाग की खोजबीन अभी तक निष्फल ही रही है। हालांकि करीब 3500 की आबादी वाले इस गांव में फिलहाल वन अमले के 35 जवान 24 घंटे गश्त कर रहे हैं। यहां ड्रोन कैमरों से भी सर्चिंग जारी है। बावजूद इसके अब तक जिला प्रशासन के हाथ खाली हैं और उस अनजान जानवर का पता नहीं लग सका है।
6 लोगों की मौत
इधर लिम्बई ग्राम के ग्रामीणों के अनुसार उन्हें अब दवा के साथ दुआ की भी जरूरत है। यहां वैक्सीन लगने के बावजूद 6 लोगों की मौत से चिंतित ग्रामवासियों ने इस विपदा से बचने के लिए यज्ञ का सहारा लिया है। अज्ञात जानवर के काटने के बाद 11 दिन में छह लोगों की मौत से चिंतित लिंबई ग्राम के लोगों ने हर परिवार से 100-100 रुपये एकत्रित कर यज्ञ आयोजित कर आहुति दी है। विपदा से बचाव और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए यह यज्ञ आयोजित किया गया था।
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ड्रोन व ट्रैप कैमरे से खोजबीन जारी
वहीं बड़वानी डीएफओ आशीष बंसोड़ ने बताया कि सभी मृतक के परिवारों को मुआवजे के आठ लाख रुपए स्वीकृत कर बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ड्रोन व ट्रैप कैमरे व पिंजरे और बड़े वन अमले के साथ अज्ञात जानवर की खोज की जा रही है। ग्राम बिलवानी में भी दो लोगों को अज्ञात जानवर के काटने की सूचना की पुष्टि की जा रही है। उधर आदिवासी नेता तथा धार जिले के मनावर के विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में प्रशासनिक, चिकित्सकीय और वन अमले की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई कराए जाने और मृतकों के परिवार को 50-50 लाख और घायलों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा और ऐमवाय हॉस्पिटल की विशेषज्ञ कमेटी गठित करने की मांग की है। वहीं पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस नेता बाला बच्चन ने भी क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों को एक-एक करोड़ का मुआवजा और एक-एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग सरकार से की है।