फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Barwani News: लैंगिक अपराध मामले में तत्कालीन एसडीएम दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

Sat, 31 Jan 2026 07:51 PM IST
बड़वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी

सार

बड़वानी में पदस्थ रहे तत्कालीन एसडीएम को अधीनस्थ महिला कर्मचारी के साथ लैंगिक अपराध का दोषी पाते हुए न्यायालय ने 10 वर्ष व 1 वर्ष की सजा और 1.01 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

विज्ञापन
अभय सिंह खराड़ी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बड़वानी में पदस्थ रहे तत्कालीन एसडीएम को अधीनस्थ कर्मचारी के साथ लैंगिक अपराध के मामले में न्यायालय ने दोषी करार दिया है। तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष व एक वर्ष की सजा के साथ एक लाख एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन


तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेखा चन्द्रवंशी की अदालत ने तत्कालीन एसडीएम बड़वानी अभय सिंह खराड़ी को लैंगिक अपराध का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अतिरिक्त लोक अभियोजक अधिकारी शिवपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष और एक वर्ष की अलग-अलग सजा के साथ एक लाख एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। 

2016 से 2024 के दौरान किया लैंगिक अपराध
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2016 से 2024 के दौरान जब अभय सिंह खराड़ी उज्जैन में एसडीएम पद पर पदस्थ थे, उस समय उन्होंने अपनी अधीनस्थ कर्मचारी के साथ लैंगिक अपराध किया। इस संबंध में पीड़िता द्वारा बड़वानी में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर पुलिस ने धारा 376 सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया था।
विज्ञापन


पढ़ें: मोहनखेड़ा तीर्थस्थल में दो फरवरी को बागेश्वर सरकार की कथा, ढाई लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

जांच और गिरफ्तारी
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने भोपाल से अभय सिंह खराड़ी को गिरफ्तार किया था। न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत निरस्त किए जाने के बाद उन्हें केंद्रीय जेल भेजा गया था। 
विज्ञापन




पूर्व पदस्थापना
बताया गया कि वर्ष 2016 में अभय सिंह खराड़ी बड़वानी में एसडीएम के रूप में पदस्थ रहे थे। इसी दौरान पीड़िता द्वारा उनके खिलाफ दुष्कर्म कर डराने-धमकाने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अंतिम निर्णय सुनाया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें