बड़वानी में जागृत आदिवासी दलित संगठन के कार्यकर्ता गुरुवार को जिला मुख्यालय के सर्कल चौराहे से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपना विरोध प्रदर्शन आरंभ कर दिया। उन्होंने बुरहानपुर में संगठन के सदस्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए जाने को लेकर जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट में जारी विरोध के बीच संगठन से जुड़े हरे सिंह ने बताया कि संगठन के अंतरराम द्वारा वन कटाई के विरोध में बुरहानपुर में धरना प्रदर्शन किया गया था तो उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया। उसी घटनाक्रम को लेकर कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बुरहानपुर जिले में अवैध कटाई और तस्करी का विरोध कर रहे हमारे साथियों पर झूठे केस लगाना बंद किया जाए। अवैध कटाई का लगातार विरोध कर रहे अंतर राम आवासे को पूरनपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुरहानपुर जिले में पिछले छह महीने से शासन-प्रशासन की संलिप्तता के कारण हजारों एकड़ जंगल कट चुका है। बुरहानपुर के अंतरराम आवासे और हमारे साथियों ने शासन-प्रशासन के संरक्षण में हो रही अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी का विरोध किया गया था। इसके चलते पुलिस एवं प्रशासन संगठन कार्यकर्ताओं पर झूठे केस लगा कर उन्हें जंगल कटाई और वन तस्करी में फंसाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के फर्जी केस को हम आदिवासी समाज और उसके संवैधानिक संघर्ष के खिलाफ एक हमले के रूप में देख रहे हैं। यदि हमारे साथियों पर राजनीतिक मकसद से फर्जी कार्रवाई की जाती है तो पूरे निमाड़ के आदिवासी इसका जवाब देंगे। उन्होंने मांग की कि अंतर राम आवासे माधुरी बहन, नितिन भाई और बुरहानपुर के अन्य कार्यकर्ताओं पर लगाए गए झूठे केस खारिज करें।
आदिवासी संघठन कार्यकर्ता नासरी बाई ने कहा कि 2019 से बुरहानपुर में जंगल काटा जा रहा है हम इसके विरोध में भोपाल तक गए। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, हमने आवेदन निवेदन भी किया है। हमारे पास उनकी प्रप्ति की रसीदे भी हैं। लेकिन हमारे ही कार्यकर्ताओं को झूठे केस लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ झूठे केस खरिज नहीं होंगे तो हम सब भी गिरफ़्तारी देंगे।