अपनी बेटी और दामाद के साथ बप्पी लहरी
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देश के जाने-माने संगीतकार और गायक बप्पी लहरी का बीमारी के चलते 16 फरवरी को निधन हो गया। वे मुंबई में रहते थे, लेकिन उनके संबंध मध्य प्रदेश के चंबल से भी थे। वो अक्सर यहां आया करते थे। चंबल का नाम सुनकर लोग डर जाते हैं लेकिन बप्पी लहरी चंबल के समधी थे। उनकी बेटी रीमा की शादी चंबल के ही एक परिवार में हुई है। अपनी बेटी से मिलने के लिए वो अक्सर चंबल आया करते थे।
मुरैना जिले के जौरा कस्बे में 2006 में बप्पी लहरी की बेटी रीमा की शादी गोंविद बसंल के साथ हुई थी। रीमा से मिलने के लिए वो चंबल आया करते थे, कुछ दिनों पहले भी वो बेटी से मिलने आए थे। बप्पी लहरी की बेटी की शादी जिस समय मुरैना में हुई थी उस दौर में चंबल में डाकुओं का आतंक था। चंबल के बीहड़ों में डाकू सक्रिय थे, लेकिन बावजूद इसके बप्पी लहरी ने अपनी बेटी की शादी ग्वालियर में धूमधाम से की थी। इस दौरान वो करीब एक सप्ताह तक ग्वालियर में रूके और कई लोगों से उनकी दोस्ती हुई।
बप्पी लहरी के दामाद के दोस्त सरफराज ने बताया कि बप्पी लहरी से उनकी पहली मुलाकात ग्वालियर में हुई थी। वह बड़ी हस्ती होने के साथ-साथ बेहद सरल और सहज स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी बेटी का ससुराल अभी भी मुरैना जिले के जौरा में है। हालांकि इस वक्त उनकी बेटी और दामाद मुबंई में हैं।
जौरा के रहने वाले गोविंद बंसल की बप्पी लहरी से मुलाकात मुंबई में हुई थी। उसके बाद गोविंद और बप्पी लहरी लगातार संपर्क में रहे। धीरे-धीरे गोविंद की मुलाकात बप्पी लहरी की बेटी रीमा से होने लगी और यह मुलाकात प्यार में बदल गई। बात शादी तक आ गई तो बप्पी लहरी ने अपनी बेटी की खुशी के लिए 2006 में उसकी शादी गोविंद बंसल से कर दी और बप्पी लहरी चंबल के समधी बन गए। मुबंई की चकाचौंध भरी दुनिया को छोड़कर चंबल के बीहड़ में उनका अपनी बेटी का विवाह करना सबके लिए आश्चर्य बन गया था, क्योंकि चंबल में उस समय डकैतों का आतंक था। जगजीवन परिहार, रामबाबू गड़रिया जैसे खूंखार डकैत चंबल में डेरा डाले हुए थे। उस समय बप्पी लहरी ने कहा था कि मैं आपकी बेटी की इच्छा के लिए कहीं भी उसकी शादी कर सकता हूं। यही वजह है कि बप्पी लहरी की बेटी रीमा चंबल की बहू बन गई।