बालाघाट में रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं, जब जिले की वैनगंगा नदी में नहाने गए तीन युवक तेज बहाव में बह गए। पांच लोगों के साथ नदी पहुंचे युवकों में से तीन पानी में बह गए। प्रशासन की टीम ने सर्च अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद शव मिले।
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जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार की दोपहर, अखिल बुर्डे (22) अपने पिता चमनलाल, रिश्तेदार मोहित बुर्डे (20), राकेश नंदनवार (19) और परिवार के एक अन्य सदस्य के साथ वैनगंगा नदी पहुंचे। पानी में उतरे तीनों युवक धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे, इसी दौरान अचानक पैर फिसलते ही वे गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में बह गए। चीख सुनते ही किनारे पर मौजूद परिजन और कुछ ग्रामीण पानी में उतरे, लेकिन उन्हें बचा नहीं पाए।
गांव में मचा हड़कंप
घटना की खबर फैलते ही बेनी गांव और आसपास के लोग नदी किनारे जमा हो गए। किसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसडीओपी अभिषेक चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। गोताखोरों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन अंधेरा बढ़ने के कारण तलाशी अभियान रोकना पड़ा। आज बुधवार को फिर से उनकी तलाश शुरू की गई है। दोपहर में उनके शव तलाश लिए गए।
त्योहार से पहले घर आए थे रिश्तेदार
रामपायली थाना पुलिस के मुताबिक, मोहित और राकेश, अखिल के रिश्तेदार थे। रक्षाबंधन मनाने के लिए दोनों मंगलवार सुबह ही अखिल के घर आए थे। लेकिन, शाम तक खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि वैनगंगा नदी का यह हिस्सा बेहद गहरा है और यहां कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन लोग सावधानी नहीं बरतते।