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Balaghat: चलती कार बनी आग का गोला, तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत, आठ साल की बच्ची चमत्कारिक रूप से बची

Sun, 29 Mar 2026 10:08 AM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट

सार

बालाघाट में देर रात एक भयानक सड़क हादसे में चलती कार दुर्घटनाग्रस्त होकर आग का गोला बन गई। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और एक 8 साल की बच्ची सुरक्षित बच गई।
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बालाघाट में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बालाघाट जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें चलती कार दुर्घटनाग्रस्त होकर आग का गोला बन गई। इस हादसे में कार में सवार तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं एक 8 वर्षीय बच्ची सुरक्षित बच गई।
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यह हादसा बीती रात करीब साढ़े 11 बजे बैहर-मलाजखंड रोड पर केवलारी चौराहे के पास हुआ। एक चलती आल्टो कार अचानक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई और उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया।

राहगीरों ने बचाने की कोशिश की
हादसे के बाद कार आग का गोला बन गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए कार के कांच तोड़कर तीन लोगों को बाहर निकाला। इनमें से दो लोग गंभीर रूप से झुलस चुके थे। लेकिन आग बहुत तेज होने के कारण तीन लोगों को बाहर नहीं निकाला जा सका और उनकी कार के अंदर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं एक 8 साल की बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
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परिवार के साथ लौट रहा था चालक
जानकारी के अनुसार, कार चला रहा सीतम केलकर अपने गांव पोंडी (परसवाड़ा) से पौनी जा रहा था। पौनी में उसकी वेल्डिंग की दुकान है। वह तीन दिन पहले अपनी पत्नी और बच्चे के साथ गांव आया था और देर रात अपने माता-पिता के साथ वापस लौट रहा था। कार में पड़ोस की 8 साल की बच्ची भी सवार थी, जो अपने घर पौनी जा रही थी।

नींद की झपकी से हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि यह हादसा संभवतः चालक को नींद की झपकी आने के कारण हुआ। एक मोड़ के बाद कार सीधे सड़क से नीचे उतर गई और दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद उसमें आग लग गई।

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घायल और मृतकों की पहचान
राहगीरों ने किसी तरह खिड़की के कांच तोड़कर 8 वर्षीय पूर्वी राहांगडाले को बाहर निकाला। इसके बाद चालक सीतम केलकर (30 वर्ष) और उसकी मां नानाबाई केलकर (60 वर्ष) को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। लेकिन आग ज्यादा बढ़ जाने के कारण पिता नगारची केलकर (65 वर्ष), पत्नी सविता केलकर (28 वर्ष) और पुत्र अभि केलकर (3 वर्ष) को नहीं बचाया जा सका और उनकी कार में ही जलकर मौत हो गई।

पुलिस और दमकल मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तीनों लोगों की मौत हो चुकी थी। बैहर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे हादसे की जांच की जा रही है।
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