घटना के बाद धरने पर बैठे विधायक।
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बालाघाट जिले के चरेगांव धान खरीदी केंद्र प्रभारी ने सेवा सहकारी समिति कार्यालय के भवन में ही फंदा लगाकरआत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंचे विधायक मधु भगत ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर सेवा सहकारी समिति कार्यालय के सामने ही धरना प्रदर्शन प्रारम्भ कर दिया। घटना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भी दिखाई दिया। मौके पर पहुंची पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीम के द्वारा फंदे से शव को नीचे उतारकर कार्रवाई शुरू की गई, जिसके बाद शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
जानकारी अनुसार, सेवा सहकारी समिति चरेगांव में 35 वर्षीय जितेन्द्र बिसेन कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ था। उसे इस सत्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केन्द्र प्रभारी बनाया गया था। फिलहाल धान खरीदी का कार्य 23 जनवरी को ही समाप्त हो गया है।
बताया जा रहा हैं कि जितेन्द्र बिसेन धान खरीदी समाप्त होने के बाद कागजी कार्रवाई में व्यस्त रहता था और मानसिक रूप से बहुत परेशान भी नजर आता था। उसने आत्महत्या करने के पहले एक सुसाईड नोटस में कुछ लोगों का नाम लिखा और उसे अपनी पत्नी को भेज दिया। नोट में उसने लिखा कि 'मैं उक्त व्यक्तियों की मानसिक प्रताड़ना की वहज से यह कदम उठा रहा हूं।' फिलहाल आत्महत्या की असली वहज का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगा। हालांकि सुसाइड नोट को लेकर पुलिस ने कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है।
पुलिस की माने तो जितेन्द्र सोमवार को कार्यालय में कार्य करने के बाद शाम को अपने घर चला गया था। उसके बाद मंगलवार को घर में बताया कि मैं कार्यालय जा रहा हूं और घर से निकल गया, जिसके बाद जितेन्द्र ने अपनी पत्नी के मोबाईल पर सुसाईट नोट लिखकर व्हाट्सअप कर दिया। फिर कार्यालय में ही फांसी लगा ली। परिजन जब कार्यालय पहुंचे तो जितेंद्र को फंदे पर लटकता मिला। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। फिलहाल मृतक ने किस वजह से सुसाइड किया है, यह जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा।