भरवेली थाना प्रभारी संजय ऋषिश्वर ने कहा, पंचों को केवल एहतियातन थाने लाया गया था। न तो कोई गिरफ्तारी की गई, न ही कोई मामला दर्ज किया गया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
बालाघाट जिले के भरवेली गांव में 64 लाख रुपए की लागत से निर्मित नए पंचायत भवन के लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर थीं। लेकिन, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के आने से पहले पुलिस ने गांव के 15 पंचों को थाने में बैठा लिया। इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
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पंचों को थाने में बैठाने को लेकर पुलिस ने कहा कि कार्यक्रम में किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसलिए यह कदम उठाया गया। पंचों पर हुई कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे अपने समर्थकों के साथ भरवेली थाने पहुंचीं और धरना देकर पुलिस पर लोकतंत्र कुचलने के आरोप लगाए। हालांकि, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का पंचायत भवन लोकार्पण कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन कार्यक्रम से पहले हुई इस घटना ने पूरे आयोजन को विवादों में घेर लिया।
'लोकशाही को कुचला जा रहा है'
थाने पहुंचकर विधायक मुंजारे ने पुलिस अधिकारियों से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि इन पंचों को क्यों थाने में बैठाया गया? क्या यह लोकतंत्र है? क्या जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का हक नहीं है? उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को तानाशाही रवैये का दोषी ठहराते हुए कहा, हमें भी गिरफ्तार करो, हम डरने वाले नहीं हैं। विधायक मुंजारे ने फोन पर कलेक्टर मृणाल मीणा से बात कर पूरी घटना से अवगत कराया। उन्होंने कहा, अब अधिकारी जनप्रतिनिधियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतंत्र में अस्वीकार्य है।
कार्यक्रम के बाद सभी को छोड़ा
भरवेली थाना प्रभारी संजय ऋषिश्वर ने कहा, पंचों को केवल एहतियातन थाने लाया गया था। न तो कोई गिरफ्तारी की गई, न ही कोई मामला दर्ज किया गया। कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।