घटनास्थल से लाल स्याही में लिखा हुआ एक पर्चा भी पाया गया।
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बालाघाट जिले में नक्सलवादी वारदातों को अंजाम देकर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में नक्सलियों ने तेंदुपत्ता संग्रहण केंद्र में आग लगा दी। नक्सलियों ने एक पत्र भी छोड़ा है। इसमें लाल स्याही से लिखा है कि पुलिस की मदद से तेंदुपत्ता का संग्रहण करने वाले ठेकेदार व मैनेजर का यही हाल होगा।
जानकारी के अनुसार बीती रात बालाघाट जिले के लांजी तहसील में नक्सलियों ने दक्षिण वन मंडल सामान्य के अंतर्गत दडकसा, बिलाल कसा तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र में रखे लगभग 325 मानक बोरा तेंदुपत्ता में आग लगा दी। उपवन मंडल अधिकारी राजा खरे ने घटना की पुष्टि की है।
घटनास्थल से लाल स्याही में लिखा हुआ एक पर्चा भी पाया गया। इसमें लिखा था कि पुलिस प्रशासन की मदद लेकर तेंदुपत्ता संग्रहण करने वाले ठेकेदारों एवं मैनेजर का परिणाम। तेंदुपत्ता मजदूरों की मांग पूरी नहीं होने का नतीजा तेंदुपत्ता फड़ी जला दिए हैं। तेंदुपत्ता मजदूरों की मांग प्रति सैकड़ा 600 रुपये तथा फड़ी मुंशी चपरासी का 25000 रुपये नहीं दिए उसके अलावा अन्य मांगें भी पूरी नहीं होने के कारण से यही परिणाम है तेंदुपत्ता ठेकेदार का। पत्र के अंत में नवजनवादी क्रांति जिंदाबाद भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) लिखा हुआ है।
गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व ही नक्सलियों ने मुखबिरी के शक पर एक फॉरेस्ट गार्ड की हत्या कर दी थी। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में दहशत है और तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य बंद है। पुलिस भी घटनास्थल पहुंचकर घटनाक्रम के संबंध में जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के अनुसार घटना को अंजाम देने पहुंची टीम में आठ से दस हथियारबंद नक्सली थे, जिसमें महिला भी शामिल थी।
बालाघाट एसपी सौरभ सुमन ने बताया कि पुलिस की मुस्तैदी के कारण गत कुछ सालों से नक्सलियों को तेंदुपत्ता ठेकेदारों से मिलने वाली वसूली राशि में कमी आई है। इस साल भी तेंदुपत्ता ठेकेदारों से नक्सली वसूली नहीं कर पा रहे है। बौखलाहट में उन्होंने घटना को अंजाम दिया है।