मध्यप्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर अपने विवादित बयानों के कारण फिर चर्चा में हैं। इस बार उनका बयान कुछ ऐसा है कि सुनकर हर कोई हैरत में है। भोपाल में मीडिया की सुर्खियां बन चुके निशांत झोपे के अपहरण मामले में गृहमंत्री गौर ने अजीबोगरीब बयान देकर मामले का रुख ही मोड़ दिया।
बच्चा अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुटकर आया तो उसने अपनी आपबीती सुनाई। लेकिन जब उससे मिलने गृहमंत्री गौर पहुंचे तो उन्होंने बाहर आकर बयान दिया कि बच्चे की जान हनुमान जी ने बचाई है।
पत्रकारों ने सवाल पूछा तो गौर बोले की बच्चे ने मुझे बताया कि जब अपहरणकर्ताओं ने उसे जंगल में छोड़ा तो एक बड़े से लंगूर ने आकर उसका हाथ पकड़ लिया और उसे जंगल से बाहर तक छोड़ गया। गौर बोले बच्चे के मुंह से यह बात सुनकर मैं बहुत आनंदित हुआ। साक्षात हनुमान जी ने उसकी जान बचाई है।
क्या था मामला
बता दें कि भोपाल के साकेत नगर निवासी नौ साल के छात्र निशांत झोपे का 14 अगस्त को उसके स्कूल के बाहर से ही अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसके परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
आरोपियों ने एक के बाद एक निशांत के पिता को 70 से ज्यादा एसएमएस और 15 बार फोन करके फिरौती की मांग की थी। वहीं पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की तो नौ दिन बाद बालक लावारिस हालत में रायसेन जिले के सगोर गांव के जंगल में मिला था। जहां अपहरणकर्ता उसे छोड़कर चले गए थे।
पुलिस बच्चे की तलाश में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक छापामारी कर चुकी थी। लेकिन उसका कुछ सुराग नहीं लग सका था। हालांकि मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
बोरी में बंद करके रखते थी अपहरणकर्ता
वहीं अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुटकर आए बच्चे ने बताया कि आरोपी उसे बोरी में बंद करके रखते थे। उसे नौ दिनों में अलग अलग जगह ले जाया गया। जब भी उसे कहीं ले जाया जाता आरोपी उसे बोरी में बंद करते और गाड़ी में डाल देते थे।
इसके बाद एक आदमी उस बोरी पर बैठ जाता जिससे किसी को शक न हो। बच्चे के अनुसार उसका अपरहण करने वालों में एक महिला सहित कुल चार लोग शामिल थे। वहीं पुलिस का कहना है कि मामला सिर्फ फिरौती से जुड़ा हुआ नहीं है आरोपियों की निशांत के पिता दीपक से पुरानी रंजिश रही है।
इसी रंजिश में बच्चे के अपहरण की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि आरोपियों ने फिरौती की रकम न मिलने पर कई बार उसे जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं बच्चे के सही सलामत वापस आने के बाद उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है।