सार
Chhatarpur Firing Case: आरोप है कि बाबा बागेश्वर के छोटे भाई शालिग्राम ने किसान को मारा, उसे गोली मारी। जिसके बाद पीड़ित ने एसपी से इस मामले की शिकायत की। अब बाबा बागेश्वर की इसपर प्रतिक्रिया आई है। क्या कुछ कहा, आइए जानते हैं।
छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा में मंगलवार को फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई। घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग ने उन्हें गोली मारी। अब इस मामले में खुद बाबा बागेश्वर की प्रतिक्रिया आई है।
क्या कहा बाबा बागेश्वर ने?
पूरे मामले को लेकर बाबा बागेश्वर ने कहा कि शालिग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यह बात वे तीन साल पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने अपील की कि हर घटना में उनका नाम नहीं जोड़ा जाए। बाबा बागेश्वर ने कहा कि उनका परिवार केवल जैविक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा समाज और पूरा विश्व ही उनका परिवार है। वे समाज, राष्ट्र और सनातन धर्म के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि छतरपुर जिला और उनका परिवार बहुत बड़ा है, इसलिए कहीं न कहीं घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे मामलों को व्यक्तिगत रूप से उनसे जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी अपराध किया है, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। "जो दोषी है, उसे कानून कठोर से कठोर दंड दे और भगवान भी उसे दंड दें।" उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है, इसलिए वे तथ्यों पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
पढ़ें: छतरपुर में गोलीकांड: बाबा बागेश्वर के भाई पर गोली चलाने का आरोप, जमीन विवाद को लेकर किसान को पीटा भी
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा में मंगलवार को फायरिंग का मामला सामने आया। पीड़ित किसान मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग ने उन्हें गोली मारी। घायल किसान का दावा है कि क्षेत्र के किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जो किसान जमीन बेचने से इनकार करते हैं, उन्हें धमकाया और मारपीट की जाती है। मोतीलाल कुशवाहा के अनुसार, इसी विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई, जिससे वे घायल हो गए।
पुलिस क्या बोली?
एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि जिला अस्पताल में घायल के बयान (देहाती नालसी) दर्ज किए जा रहे हैं। अब तक मिले बयानों के आधार पर सतीश, शालिगराम और आशीष सहित तीन नामजद तथा एक अज्ञात समेत कुल चार लोगों के घटना में शामिल होने की बात सामने आई है।