हो सकता है यह खबर पढ़ने के साथ आपके दिमाग में परिवार नियोजन के बजाए
परिवार अनियोजन शब्द कौंध जाए। दरअसल इंदौर में एक 42 वर्षीय महिला ने
15वें बच्चे को जन्म दिया है।
42 वर्षीय महिला ने शहर के एमवायएच में 15वें बच्चे को जन्म दिया, हालांकि बच्चा मृत पैदा हुआ। महिला की शादी को 22 साल हो चुके हैं। एक साल पहले ही उसकी 8 साल की बेटी की मौत हो चुकी है।
घटना ने प्रदेश में परिवार नियोजन की योजनाओं को लेकर शासन द्वारा किए जा रहे तमाम दावों की पोल खोल दी है।
खरगौन जिले के ग्राम अंबाखे़डा की रहने वाली बदीबाई को बुधवार देर रात उसका पति एमवायएच लेकर पहुंचा। महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया।
विभागाध्यक्ष डॉ.लक्ष्मी मारू ने बताया कि महिला का यह 15वां प्रसव है। इसके पहले के सभी प्रसव खरगोन जिले के विभिन्न अस्पतालों में हुए।
उन्होंने बताया कि 22 साल की शादी में 15 बच्चों को जन्म देने की वजह से महिला बहुत कमजोर हो गई है। उसके शरीर में खून की बहुत कमी है। डॉक्टरों की टीम उस पर नजर रखे हुए है।
महिला के पति ने बताया कि वह खेती-मजदूरी करता है। फिलहाल उसके 9 बच्चे जिंदा हैं। इनमें 3 लड़कियां और 6 लड़के हैं।