शिवराज सिंह चौहान उत्तराखंड में चुनाव प्रचार कर भाजपा उम्मीदवारों के लिए वोट मांगते हुए।
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में दो चरण का मतदान हो चुका है। दूसरे चरण में 14 फरवरी को उत्तरप्रदेश की 55 सीटों समेत गोवा, मणिपुर और पंजाब में में भी मतदान हुआ। इस दौरान मध्य प्रदेश के 50 से ज्यादा विधायक और नेता यूपी समेत अन्य राज्यों में सक्रिय हैं। यूपी से लगे बॉर्डर के जिलों के भाजपा विधायक और नेता रिश्तेदारी में वोट मांग रहे है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए चुनाव अहम है। इस बार कोरोना के चलते बड़ी रैलियों पर रोक है। ऐसे में भाजपा ने नई रणनीति के तहत प्रदेश के बॉर्डर से लगे जिलों के विधायक, पूर्व विधायक और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में प्रदेश से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही शामिल है। उन्होंने गोवा और उत्तराखंड में एक दर्जन से ज्यादा रैलियां भी की। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को चुनाव के दो चरण में तवज्जों ना देकर तीसरे चरण के लिए स्टार प्रचारक बनाया है। उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण में 20 फरवरी को 16 जिलों की 59 सीटों पर मतदान होगा। इसमें बुदेलखंड और कानपुर का इलाका शामिल है। यहां पर मध्य प्रदेश के बुदेलखंड का प्रभाव है। ऐसे में दोनों ही पार्टियां एमपी के नेताओं के प्रचार करने से वोट मिलने का गणित भी देख रही है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी झांसी और उसके आसपास लगे इलाके में प्रचार करने पहुंच गए है। वह दतिया से विधायक है।
यह भी है दूसरा कारण
उत्तर प्रदेश में मध्यप्रदेश भाजपा संगठन की तरफ से ढाई सौ से तीन सौ कार्यकर्ता और पदाधिकारी अलग-अलग जिम्मेदारी के साथ पहुंचे है। इस बार बड़ी रैली नहीं होने से चुनाव प्रबंधन पर भी ज्यादा फोकस किया गया है। वहीं, बॉर्डर के इलाके के नेताओं की यूपी में रिश्तेदारी होने से उनको बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।