एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के राजनगर खुली खदान परियोजना में निजी कंपनी में कार्यरत एक मजदूर की ब्लास्टिंग के दौरान मौत हो गई। इसे लेकर लोगों ने हंगामा किया तो प्रशासन के हस्तक्षेप के पश्चात दोनों पक्षों में आपसी समझौता के पश्चात मृतक के शव को खदान से रवाना किया गया।
हसदेव क्षेत्र के राजनगर खुली खदान परियोजना में कोयला उत्पादन एवं मिट्टी ओबी का कार्य करने वाली एमकेएसपीएल एमपीएल जेवी कंपनी शनिवार को प्रथम पाली में कोयला उत्पादन हेतु ब्लास्टिंग किया जा रहा था। जहां पर ब्लास्टिंग के दौरान अजय कुमार कोल पिता स्वर्गीय हीरालाल कोल उम्र 26 वर्ष निवासी विशेश्वर दफाई वार्ड नंबर-1 राजनगर ब्लास्टिंग के दौरान अपने अधिकारी के साथ बोलेरो में बैठा हुआ था।
जहां ब्लास्टिंग हैवी होने के कारण पत्थर का एक बड़ा टुकड़ा आकर बोलेरो की छत को फाड़ते हुए उसके सिर एवं शरीर के अन्य हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसे तत्काल चिकित्सालय मनेंद्रगढ़ ले जाया गया। जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके पश्चात स्थानीय नागरिकों द्वारा उसके मृतक के शव को एंबुलेंस में लेकर सीधे खदान लाया गया। जहां जब सुरक्षा कर्मियों ने खदान ले जाने से रोका तो स्थानीय नागरिकों ने बैरियर को तोड़कर खदान के अंदर ले जाकर प्रदर्शन करने लगे।
मृतक के परिजन एवं स्थानीय लोगों ने 50 लाख रुपये एवं एक नौकरी की मांग पर अड़े रहे। वहीं, पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के आसपास के सभी थाना क्षेत्र से पुलिस बल बुला लिया गया। प्रशासनिक अधिकारी मौके स्थल पर पहुंच गए। वहीं, लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। कालरी अधिकारी एवं कंपनी के कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी घटना स्थल पर आना मुनासिब नहीं समझा। जहां प्रशासन के दबाव के पश्चात एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक, राजनगर उप क्षेत्रीय प्रबंधक सहित अन्य कालरी अधिकारी एवं कंपनी के अधिकारी पहुंचे। जहां दोनों पक्षों में छह बिंदुओं पर समझौता हुआ। इसके पश्चात मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
जहां तत्काल सहायता के रूप में कंपनी के द्वारा एक लाख रुपये नकद राशि, एसईसीएल प्रबंधन द्वारा 50 हजार नगद राशि तथा छह बिंदुओं के समझौते में प्रमुख रूप से मृतक के आश्रित को नौकरी एवं कंपनी के नियमों के तहत मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इस दौरान एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक, एसडीएम कोतमा, अध्यक्ष नगर परिषद बनगवा एवं मृतक की पत्नी ने अपने हस्ताक्षर किए।
मजदूर की मौत के पश्चात हंगामा करते परिजन और स्थानीय लोग