नेपाल में बाढ़ में फंसी पलक और पल्लवी
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और जल त्रासदी के बीच अनूपपुर जिले की कोतमा नगर की दो बहनें भी इसमें फंस गईं। वार्ड क्रमांक 8 निवासी संतोष मांझी और ललिता मांझी की बेटियां पलक मांझी (25) और पल्लवी मांझी (23) 21 अगस्त को नौ लोगों के समूह के साथ नेपाल घूमने और दर्शन के लिए गई थीं। 26 अगस्त की शाम नेपाल में जल प्रलय की जानकारी मिलने के बाद जब परिजनों ने दोनों से संपर्क किया तो मोबाइल बंद मिला। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई और पूरी रात बेटियों से संपर्क का प्रयास किया गया।
पलक ग्वालियर में निजी कंपनी में नौकरी करती हैं, जबकि पल्लवी निजी क्लिनिक में नर्सिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं। दोनों ने 23 अगस्त को वीडियो कॉल के जरिए कोतमा में अपने माता-पिता से बात की थी। इसके बाद 26 अगस्त की शाम करीब 6 बजे परिजनों को नेपाल में बाढ़ की जानकारी मिली। टीवी पर जल प्रलय के भयावह दृश्य देखकर मां ललिता मांझी बेहद चिंतित हो गईं और रातभर बेटियों की सलामती के लिए परेशान रहीं।
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अगले दिन मामा नारायण केवट को जानकारी देकर भोपाल और दिल्ली में संपर्क किया गया। बेटियों की सहेलियों से टूर चार्ट सहित अन्य जानकारी जुटाकर उनकी लोकेशन और सुरक्षा की जानकारी लेने के प्रयास किए गए। शाम करीब 7 बजे नए नंबर से दोनों का फोन आया और उनके सुरक्षित होने की जानकारी मिली, जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
बताया गया कि दोनों शुक्रवार को पोखरा से काठमांडू के लिए रवाना होंगी और शनिवार रात तक ग्वालियर पहुंचने की संभावना है। इसके बाद भाई विपुल मांझी तीन दिन बाद उन्हें साथ लेकर कोतमा आएगा। घटना की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ल ने भी पिता से बात कर बेटियों के सुरक्षित होने की जानकारी ली।
दोनों बच्चियों के पिता संतोष मांझी