अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत लपटी में स्थित लपटी जलाशय, जो वर्ष 1992 में किसानों की 200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए बनाया गया था, आज बदहाली का शिकार है। 2.75 किलोमीटर लंबी नहर से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को लाभ मिलना था, लेकिन पिछले कई वर्षों से जलाशय का गेट खराब पड़ा है, जिससे पानी लगातार बहता रहता है और जलाशय में जल संचय नहीं हो पाता।
सरकार ने दी राशि, लेकिन समाधान नहीं
मार्च 2023 में अनूपपुर कलेक्टर ने जलाशय की नहरों की सफाई एवं मरम्मत के लिए मनरेगा योजना के तहत 29.37 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। इस राशि का जल संसाधन विभाग द्वारा आहरण भी कर लिया गया, लेकिन जो कार्य हुआ, वह किसानों के लिए किसी उपयोग का साबित नहीं हो पाया। किसानों को आज भी सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा, जिससे उनकी फसलें सूख रही हैं।
सरपंच की नाराजगी: श्रेय तो लिया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं
ग्राम पंचायत लपटी के सरपंच जवाहर सिंह ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जल संसाधन विभाग महाशिवरात्रि मेले में अपनी विकास प्रदर्शनी में इसी जलाशय की तस्वीरें लगाकर अपनी उपलब्धि दिखा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि किसानों को जलाशय से सिंचाई के लिए पानी तक नहीं मिल रहा।
किसानों की समस्याएं: पानी के बिना सूखती फसलें
जलाशय क्षेत्र के किसान इस समस्या से बेहद परेशान हैं। रामप्रसाद (ग्राम पंचायत लपटी निवासी) ने बताया कि बांध का गेट कई वर्षों से खुला पड़ा है, बार-बार शिकायत करने के बाद भी मरम्मत नहीं की गई। लोक सिंह (ग्राम पंचायत आमगांव निवासी) ने कहा कि जब से नहर बनी है, तब से उसमें पानी ही नहीं आया। किसान नाले के पानी से एक बार सिंचाई कर लेते हैं, लेकिन फिर फसल भगवान भरोसे छोड़नी पड़ती है। कुसुम बाई (लपटी निवासी) ने बताया कि नहर की सफाई तक नहीं करवाई गई, जिसके चलते किसानों की फसलें सूख रही हैं। किसानों की मांग: जल्द से
जल्द हो समाधान
क्षेत्र के किसानों ने जलाशय के गेट की मरम्मत, नहरों की सफाई एवं पुनर्निर्माण और जलाशय में जल संरक्षण की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो किसानों की पूरी फसल चौपट हो सकती है, जिससे गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
वह जलाशय जहां किसानों को पानी नहीं मिल रहा है और किसान जिनके खेतों तक पानी न मिलने से वह परेशान
वह जलाशय जहां किसानों को पानी नहीं मिल रहा है और किसान जिनके खेतों तक पानी न मिलने से वह परेशान
वह जलाशय जहां किसानों को पानी नहीं मिल रहा है और किसान जिनके खेतों तक पानी न मिलने से वह परेशान