अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-43 पर बेलिया छोट से छतई तक जर्जर सड़क के सुधार की मांग को लेकर बुधवार को जिला पंचायत सदस्य रामजी मिश्रा रिंकू सहित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारी वाहनों की आवाजाही रोकते हुए सड़क किनारे अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
धरने की सूचना मिलते ही बिजुरी थाना पुलिस, एसडीएम कोतमा टीआर नाग सहित अन्य थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जिला पंचायत सदस्य और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सड़क का सुधार कार्य पूरा होने तक धरना जारी रहेगा।
प्रशासन की ओर से सड़क सुधार कराने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे पहले भी सड़क सुधार के लिए प्रशासन को पत्र सौंपा गया था। इसके बाद काम शुरू तो हुआ, लेकिन अधूरा छोड़ दिया गया। उनका आरोप है कि सड़क की हालत अब भी खराब है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
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पावर प्रोजेक्ट के भारी वाहनों से सड़क पर बने बड़े गड्ढे
ग्रामीणों के अनुसार छतई गांव के पास अडानी कंपनी का थर्मल पावर प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है। प्रोजेक्ट क्षेत्र और आसपास के इलाकों में रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही होती है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भारी वाहनों के नियमित आवागमन के कारण सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए प्रमुख आवागमन का साधन है। सड़क की खराब स्थिति के कारण छोटे वाहनों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीएमजीएसवाई सड़क पर भारी वाहन रोकने को लेकर पुलिस से बहस
धरने के दौरान सड़क से कोयला परिवहन करने वाला एक वाहन गुजर रहा था। जिला पंचायत सदस्य रामजी मिश्रा रिंकू ने वाहन को रोकते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है और इसकी निर्धारित परिवहन क्षमता करीब आठ टन है। इसके बावजूद कोयला परिवहन और पावर प्लांट के लिए सामग्री लेकर 30 से 40 टन क्षमता वाले भारी वाहन इस मार्ग से गुजर रहे हैं।
इसी दौरान वाहन रोकने को लेकर जिला पंचायत सदस्य की उप निरीक्षक विपुल शुक्ला से बहस हो गई। उप निरीक्षक ने वाहनों को रोकना गलत बताया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सड़क पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही हो रही है तो पुलिस और संबंधित विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियों के लिए ग्रामीण सड़क का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप है कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लगने के कारण सड़क लगातार खराब हो रही है। उन्होंने सड़क सुधार के साथ भारी वाहनों के आवागमन पर भी कार्रवाई की मांग की है।
धरना प्रदर्शन करते जिला पंचायत सदस्य