गिरफ्तार आरोपी और मामले की जानकारी देते पुलिस अधीक्षक
बिजुरी पुलिस ने चार साल पुराने हत्या मामले में फरार आरोपी साबिर अली को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। आरोपी ने सुरेन्द्र बहादुर राय की हत्या के बाद अपना नाम बदलकर रायपुर में सुरेंद्र विश्वकर्मा के रूप में पहचान बना ली थी। आरोपी के पकड़े जाने पर पुलिस ने खुलासा किया कि वह रायपुर में चोरी और अन्य अपराधों में भी शामिल रहा। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के अनुसार, साबिर अली को डोंगरगढ़ उपजेल से वारंट पर बिजुरी लाया गया और पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपी पर चोरी, लूट और गृह भेदन के 11 से अधिक मामले दर्ज हैं।
29 नवंबर 2021 की दरम्यानी रात सरस्वती स्कूल के सामने मीट मार्केट बिजुरी के पास अज्ञात व्यक्ति ने सुरेन्द्र बहादुर राय उर्फ दरबारी निवासी खोंगापानी बी सी एम चौकी खोंगापानी थाना झगराखांड़ की हत्या कर दी थी। इस मामले में बिजुरी पुलिस ने धारा 302 का अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की।
पकड़े जाने के डर से नकली नाम से रायपुर में रह रहा था आरोपी
पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान ने कोतमा थाने में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि साबिर अली पिता मो. हदीस निवासी अलीनगर थाना बिजुरी ने मृतक की हत्या पुराने लेनदेन के विवाद के कारण की थी। आरोपी घटना के बाद से फरार था। उसकी गिरफ्तारी तथा सूचना देने पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसकी तलाश के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के थानों में भी सूचना दी गई थी। जिसमें पता चला कि डोंगरगढ़ में एक चोरी का आरोपी सुरेन्द्र विश्वकर्मा पिता विनय विश्वकर्मा उम्र 32 वर्ष निवासी बिलासपुर जिसका हुलिया और चेहरा प्रकरण के फरार आरोपी साबिर से मिलता जुलता है। उसकी जांच में यह पाया गया कि प्रकरण का फरार आरोपी साबिर अली पिता मो. हदीस निवासी अलीनगर थाना बिजुरी का रायपुर में इस नाम से फरारी काट रहा था। थाना डोंगरगढ़ की सूचना पर आरोपी साबिर अली को डोंगरगढ़ उपजेल से वारंट में लेकर थाना बिजुरी लाया गया। जिसने पूछताछ में जुर्म स्वीकार किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी के विरुद्ध चोरी, लूट, गृह भेदन के 11 से अधिक अपराध हैं आरोपी दुर्ग में अपने नकली नाम सुरेन्द्र विश्वकर्मा के रूप में जेल जा चुका है।