अनूपपुर जिला मुख्यालय में स्थित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में अध्यनरत पांच छात्राओं की तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया गया है। जहां उनका उपचार कार्य किया जा रहा है।
बताया गया कि अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास क्रमांक-1 में अध्यनरत छात्रा आर विभा बनावल, लक्ष्मी महरा, रीतू महरा, नेमवती और ज्योति बांधव यह सभी छात्राएं कक्षा आठ में अध्यनरत हैं। इनको शुक्रवार की रात छात्रावास में पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई थी। इसके पश्चात छात्रावास अधीक्षक ने रात में उन्हें दर्द की दवा दी, जिसके बाद तकलीफ से उन्हें आराम हो गया था। शनिवार सुबह छात्रावास में भोजन करने के पश्चात छात्राएं कन्या विद्यालय परीक्षा में शामिल होने के लिए गई हुई थी। जहां छात्रावास में रहने वाली यह छात्राएं बेहोश हो गई। इसके बाद इन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया गया, जहां उनका उपचार कार्य किया जा रहा है।
मामले की सूचना मिलने के पश्चात सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसबी अवधिया ने भी वार्ड में पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। छात्रावास अधीक्षक रेखा मरावी ने बताया कि छात्रावास में कक्षा छह से आठ तक 48 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें से एक छात्रा शुक्रवार की शाम को तबीयत खराब होने पर उन्हें जानकारी दी थी। उसके बाद छात्र को कुछ समय के बाद दवा लेने पर आराम हो गया था। शनिवार को विद्यालय से छात्रावास की पांच छात्राओं के बेहोश होने की सूचना मिली, जिन्हें मौके पर पहुंचकर उपचार के लिए चिकित्सालय भिजवाया गया।
इनका कहना है
फूड प्वाइजनिंग जैसी कोई बात नहीं है। परीक्षा के तनाव की वजह से छात्राए बेहोश हो गई थी, जिनका उपचार करने के पश्चात वह स्वस्थ हालत में हैं। सभी तरह की जांच भी कराई गई है, जिसमें खून की कमी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
डॉक्टर एसबी अवधिया, सिविल सर्जन एवं प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अनूपपुर