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सर्वे और फीडबैक के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सांसद और मंत्रियों से पूछा- कहां से लड़ेंगे चुनाव

Fri, 07 Sep 2018 03:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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भाजपा
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आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रदेश के भाजपा नेताओं में टिकट पाने की होड़ मच गई है। प्रदेश भाजपा भी फीडबैक और सर्वे की कवायद में जुटी हुई है। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भी उम्मीदवारों की पसंद और तैयारी का जायजा ले रहे हैं। 
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राकेश सिंह ने राजधानी के पार्टी ऑफिस में गुरुवार को करीब पांच घंटे तक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने मुरैना, भोपाल ग्रामीण और विदिशा के जिलाध्यक्षों, जिला पंचायत अध्यक्षों, सांसद व मंत्रियों को बुलवाया और उनसे पूछा कि वे कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं। यही नहीं उनकी सीट के बारे में भी पूरा ब्यौरा लिया। 

इस बीच मुरैना सांसद अनूप मिश्रा ने विधायक का चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर दी है। साथ ही नगरीय विकास मंत्री माया सिंह की सीट ग्वालियर पूर्व से दावेदारी भी कर दी। टिकट बांटने पर अंतिम निर्णय पार्टी करेगी। 
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मुरैना सांसद के साथ वर्तमान जिलाध्यक्ष, दो पूर्व जिलाध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष भी पहुंचे। राकेश सिंह पहले यह बैठक भोपाल में अपेक्स बैंक के गेस्ट हाउस में करने वाले थे, लेकिन सवर्णों के बंद के कारण पार्टी कार्यालय में बातचीत की। बंद को दौरान कोई अप्रिय घटना न हो जाए, इसके लिए पार्टी दफ्तर पर पुलिस तैनात रही। 

मुरैना के नेताओं से अकेले में बात करने के बाद राकेश सिंह ने विदिशा के विधायक व राज्यमंत्री सूर्यप्रकाश मीणा, भोपाल ग्रामीण के जिलाध्यक्ष रहे भक्तपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष तोरण सिंह दांगी और विदिशा के मौजूदा जिलाध्यक्ष राकेश जादौन के साथ अलग-अलग बात की। सूर्य प्रकाश मीणा की शमशाबाद सीट से भक्त पाल ने दावेदारी रख दी है। जबकि तोरण सिंह ने गंजबासौदा से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर दी।

इन नेताओं से बात करने के बाद विदिशा के प्रभारी व भोपाल सांसद आलोक संजर से भी प्रदेश अध्यक्ष ने क्षेत्र का फीडबैक लिया। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष अन्य जिलों से भी व्यक्तिगत तौर से मिलकर बातचीत करेंगे। 

बता दें कि भाजपा में टिकट को लेकर अभी कुछ सर्वे और फीड बैक लेने का काम चल रहा है। यह सितंबर तक पूरा होगा और 25 सितंबर के बाद हर जिले में 200 से 250 पूर्व और मौजूदा वरिष्ठ नेताओं से बात करने के लिए पर्यवेक्षक जाएंगे। बंद पर्ची में संभावित नाम लाए जाएंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रदेश संगठन के साथ बैठकर चर्चा शुरू करेंगे। 
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तय होगा जीत का पैमाना 

BJP
फीडबैक और सर्वे की कसौटी पर तय होंगे उम्मीदवार

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री के स्तर पर, निजी संस्था द्वारा, जन अभियान परिषद और इंटेलीजेंस के आधार पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर सर्वे हो रहा है। इसमें वर्तमान विधायकों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर भी देखी जा रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और गैर भाजपाई व्यवस्था से फीडबैक लिया जा रहा है। इसके बाद इनका निचोड़ निकालकर नामों की सूची तैयार होगी। इसके बाद चुनाव समिति की बैठक होगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अक्टूबर के पहले पखवाड़े में चुनाव समिति की बैठक का कार्यक्रम है। 

तय होगा जीत का पैमाना 

नेता पुत्रों, रिश्तेदार, दूसरी पार्टी से आए लोगों, लंबे समय से लगातार जीत रहे विधायकों, मंत्रियों का प्रदर्शन, जातिगत गणित, जिलाध्यक्षों व निगम-मंडल के अध्यक्षों को टिकट और राष्ट्रीय स्तर से तय मापदंडों का पैमाना भी 25 सितंबर के बाद तय कर दिया जाएगा। हालांकि इसमें भी यह व्यवस्था रखी जाएगी कि जीतने वाले उम्मीदवार के इसे शिथिल किया जा सके। 
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