फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agar Malwa: नलखेड़ा क्षेत्र में आठ किसानों पर नरवाई जलाने की कार्रवाई, 25 हजार रुपये का लगा जुर्माना; जानें

Sat, 19 Apr 2025 03:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवा

सार

Agar Malwa: तहसीलदार सूर्यवंशी ने किसानों से खेतों में नरवाई न जलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम होती है और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है।
विज्ञापन
खेतो में जलाई जा रही नरवाई - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले में खेतों में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। नलखेड़ा तहसीलदार गिरीश कुमार सूर्यवंशी ने क्षेत्र के आठ किसानों पर नरवाई जलाने के आरोप में कुल 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

विज्ञापन


जिले के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा खेतों में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस आदेश के तहत यदि कोई किसान प्रतिबंध का उल्लंघन करता है तो उस पर अर्थदंड के साथ-साथ शासकीय योजनाओं से वंचित किए जाने की कार्रवाई भी की जा रही है। जनसंपर्क विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार सूर्यवंशी ने यह कार्रवाई की है।

बोरखेड़ी सलोकी के किसान राजेश कुमार पिता कैलाश जैन और सुईगांव के भीम सिंह पिता मोती सिंह पर नरवाई जलाने के लिए 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं डोकरपुरा के रफीक खां पिता बशीर खां और रहीम खां पिता बशीर खां, बोरखेड़ी सलोकी की लालकुंवर पिता कुंवेर सिंह, सुईगांव की दुर्गाबाई पति रामचंद्र एवं देवीलाल पिता भगवान सिंह, और हिरणखेड़ी के बद्रीलाल पिता बालूसिंह पर 2,500-2,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन


पढ़ें: बेटी के नाम जमीन करने पर चिढ़ गया बेटा, मरने के बाद अंतिम संस्कार से इनकार; 22 घंटे पड़ी रही पिता की लाश
विज्ञापन


किसानों से अपील
तहसीलदार सूर्यवंशी ने किसानों से खेतों में नरवाई न जलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम होती है और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। किसानों से अनुरोध है कि नरवाई का वैकल्पिक उपयोग करें और उसे जलाने से बचें। प्रशासन की ओर से गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि किसान इस दिशा में सजग हो सकें।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें