सूचना क्रांति के दौर में बेशक मानवाधिकारों को लेकर कितना भी हल्ला मचता हो लेकिन एक सच ये भी है कि देश में रंग और जाति के स्तर पर अभी भी बड़े भेदभाव किए जाते हैं।
इसका एक जीता जागता उदाहरण है मध्यप्रदेश का छतरपुर। जहां दबंगों ने मात्र इस बात पर एक लड़की की पिटाई कर दी कि उसकी परछाई उनके खाने पर पड़ गई थी।
अंग्रेजी अखबार हिंदूस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार मामला मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गणेशपुरा गांव का है। जहां बीते शनिवार की सुबह 11 साल की एक लड़की सरकारी नल पर पानी भरने जा रहे थे।
दबंगों ने दी हैंडपंप पर न आने की धमकी
किशोरी के पिता राजू वंशकर ने बताया कि मेरी बेटी सुबह सरकारी नल पर पानी भरने जा रही थी। इसी दौरान गांव का दबंग पूरन यादव भी उधर से गुजर रहा था। राजू ने आरोप लगाया कि अचानक पूरण यादव ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर उसकी बेटी की पिटाई शुरू कर दी।
पूरण के अनुसार आरोपियों का कहना था कि उसकी बेटी की परछाई उनके खाने पर पड़ गई है। आरोप है कि पूरण यादव की पत्नी लीला और उसके परिवार के लोगों ने उसकी बेटी को धमकी दी कि आगे से वह हैंडपंप के पास न दिखाई दे।
वंशकर ने मामले में पुलिस में शिकायत की है और पुलिस अधीक्षक से मामले में एससी/एसटी के तहत मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की है। वहीं पुलिस ने मामले को छुआछूत का मानने से इंकार कर दिया है।
मामले में जांच कर रहे पुलिस अधिकारी आरपी तिवारी ने बताया कि मामला छुआछूत का नहीं है, दोनों पक्षों में 13 जून को पानी भरने को लेकर विवाद हुआ था।
पुलिस ने कहा पानी भरने को लेकर हुआ विवाद
यादव की पत्नी और उसकी साली ने इसी बात को लेकर पूरण की बेटी की पिटाई कर दी थी। लेकिन 15 जून को लड़की के पिता ने खाने पर परछाई पड़ने का मामला बताते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया।
उन्होंने बताया कि मामले में 341, 323, 506 की धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है। वहीं एससी एसटी के तहत मामले की जांच की जा रही है।
वहीं छतरपुर के पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने बताया कि पहली नजर में यह मामला एससी एसटी का नहीं लगता, लेकिन लड़की के पिता की ओर से इस संबंध में शिकायत की गई है जिसकी जांच की जा रही है।