ग्वालियर/डेस्क, ओखा एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला ने एक बालिका को जन्म दिया, लेकिन प्रसव पीड़ा में तड़प रही महिला को अटेंड करने ट्रेन में कोई भी चिकित्सक नहीं आया। ग्वालियर स्टेशन पर महिला को उतारा गया, मगर यहां भी प्रसूता करीब एक घंटे तक उपचार के लिए प्लेटफार्म पर तड़पती रही। बाद में 108 एंबुलेंस बुलाकर महिला को जयारोग्य चिकित्सालय रैफर कर दिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक हस्तिनापुर निवासी टिंकू कुशवाहा गुजरात में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। इस दौरान उसकी पत्नी जूली गर्भवती हो गई, इसलिए वह अपनी पत्नी की डिलवरी कराने के लिए गुजरात से ग्वालियर पूरे परिवार के साथ आ रहा था। सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे जब ओखा एक्सप्रेस झांसी स्टेशन क्रॉस कर चुकी, तभी जूली को प्रसव पीड़ा होना शुरू हो गई और कुछ समय बाद उसने एक नन्हीं सी बालिका को जन्म दिया। हालांकि टिंकू कुशवाहा ने ट्रेन पर तैनात जीआरपी के एक गार्ड को पत्नी की डिलवरी की जानकारी दी थी, लेकिन ट्रेन में कोई भी चिकित्सक महिला को अटेंड करने नहीं आया। सुबह करीब सवा नौ बजे ट्रेन ग्वालियर स्टेशन पर आकर रुकी तो परिजनों ने महिला को उतारा। परिजनों ने महिला के प्रसव की जानकारी स्टेशन प्रबंधन को दी, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई चिकित्सक उसे देखने नहीं आया। फिर 108 एंबुलेंस बुलाकर महिला को जयारोग्य चिकित्सालय भेज दिया गया।