दमोह जिले में खेत में बने बोरवेल में एक तीन साल का बच्चा खेलते समय गिर गया था। जिसे 6 घंटे की मशक्कत के बाद निकाल लिया गया। बच्चे को जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया है।
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6 घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को निकाल लिया गया, पर बचाया नहीं जा सका।
- फोटो : सोशल मीडिया
दमोह जिले में खेत में बने बोरवेल में एक तीन साल का बच्चा खेलते समय गिर गया था। जिसे 6 घंटे की मशक्कत के बाद निकाल लिया गया। बच्चे को जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया है।
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इस बोरवेल के गड्ढे में गिरा था मासूम।
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि तीन साल का प्रियांश खेलते-खेलते खेत में बने बोरवेल में गिर गया था। जब काफी देर तक बच्चा परिजनों को नहीं दिखा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की। जब परिजन बोरवेल के गड्ढे के पास पहुंचे तो वहां से बच्चे की आवाज आई, बच्चा बोरवेल से खुद को बाहर निकालने के लिए मम्मी बचाओ.. मम्मी बचाओ... चिल्ला रहा था।
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बोरवेल के गड्ढे में से बच्चे से बात की जा रही थी।
- फोटो : अमर उजाला
बच्चे के बोरवेल में गिरने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदा गया। गड्ढे में ऑक्सीजन पहुंचाई गई। राज्य आपदा प्रबंधन दल भी बचाव कार्य में जुटा था। छह घंटों की मशक्कत के बाद बच्चे को निकाल लिया गया है। उसे प्राथमिक जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पटेरा अस्पताल के बीएमओ अशोक बरोनिया ने बताया कि गड्ढे से निकालने के 2 घंटे पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी।
बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की गई।
- फोटो : अमर उजाला
तीन दिन पहले भी हई थी बच्चे की मौत
मध्य प्रदेश में खुले बोरवेल की घटनाएं फिर बढ़ने लगी है। दिसंबर में छतरपुर जिले में एक बच्ची गिर गई थी। वहीं हाल ही में उमरिया जिले के बरछड़ में गुरुवार को बोरवेल में गिरे 4 साल के बच्चे गौरव की मौत हो गई। गुरुवार सुबह करीब 4 बजे उसे रेस्क्यू कर निकाला गया था। रेस्क्यू के बाद बच्चे को कटनी जिले के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर राजमणि पटेल ने बच्चे की मौत का कारण पानी में डूबना और सांस न ले पाना बताया था।