दास्तानगोई के युवा कलाकार अंकित चड्ढा की मौत का दुख संस्कृतिप्रेमियों के दिलो-दिमाग पर ताजा ही था कि शनिवार की सुबह एक और दुखद सूचना मिली। वरिष्ठ गायिका और बेगम अख्तर की शिष्या जरीना बेगम का निधन हो गया। हालांकि लंबे समय से उनका स्वास्थ्य खराब था, उनके निधन की खबर आकस्मिक नहीं थी। 88 वर्षीया गायिका की उपस्थिति शहर को विख्यात गायिका बेगम अख्तर और अवध के दरबारी गायन से जोड़े हुई थी। उनके निधन से यह कड़ी बिखर गई।
बेगम इधर तीन महीने से फिर चिकित्सालय में थीं। वे इसके पहले भी कई बार खराब स्वास्थ्य के कारण चिकित्सालय में लंबे समय के लिए भर्ती रही हैं। बेगम के दामाद नावेद आरोप लगाते हैं कि इतनी बड़ी गायिका को जिस प्रकार चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल सकीं। उनके इलाज पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया और सरकार एवं संस्कृति विभाग ने भी कोई खोज-खबर नहीं ली।
उन्हें गुर्दे में संक्रमण था। तीन दिन पहले उन्हें सघन चिकित्सा कक्ष में भर्ती किया गया। डालीगंज के निजी चिकित्सालय में सुबह करीब सात बजे उनका निधन हो गया। उन्हें चिकित्सालय से फतेहगंज गल्ला मंडी स्थित आवास लाया गया। दिन भर घर पर शव को रखे जाने के बाद सायंकाल उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।