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नहीं पूरा हुआ वादा, युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए करना होगा इंतजार

Thu, 13 Jul 2017 11:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो प‌िक
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पहले योगी सरकार के वादे के मुताबिक 100 दिनों में सभी रिक्त पदों पर भर्ती शुरू नहीं हुई और अब पहले बजट में सरकारी नौकरियों को लेकर कोई ठोस रोडमैप भी सामने नहीं आया। ऐसे में रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे युवाओं को दोहरा झटका लगा है। 
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सरकार ने ले-देकर रोजगार का एजेंडा नई औद्योगिक नीति के जरिए निजी सेक्टर के हाथों सौंप दिया है, जहां नई नौकरियों की तत्काल उम्मीद नजर नहीं आ रही है। ऐसे में युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए इंतजार ही करना पड़ेगा।

भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को सरकारी नौकरियों के सुनहरे सपने दिखाए थे। उसने लोक कल्याण संकल्प पत्र में वादा किया था कि वह सत्ता में आने के 90 दिनों के भीतर प्रदेश के सभी रिक्त सरकारी पदों के लिए पारदर्शी तरीके से भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर देगी। 
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पार्टी सत्ता में आने के 115 दिन पूरे कर चुकी है लेकिन नौकरियों को लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर पाई है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने बजट में रोजगार के नाम पर नई औद्योगिक नीति के जरिए उद्योगों की स्थापना की ही चर्चा की।
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लगेंगे कम से कम दो साल

डेमो प‌िक - फोटो : IBTimes
इसके लिए 20 करोड़ रुपये देने का भी एलान किया, लेकिन इस नीति पर अमल से इस वर्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना न के बराबर है। जानकार बताते हैं कि नई नीति से स्थापित होने वाले उद्योगों में रोजगार के अवसर मिलने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। 

बेरोजगार कृषि प्रशिक्षित स्नातक  युवकों के लिए कृषि उद्यमी स्वावलंबी योजना तथा उद्यम के इच्छुक अन्य युवाओं के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामोद्योग रोजगार योजना की घोषणा जरूर की गई है लेकिन पिछली सरकार में चल रही ऐसी ही योजनाओं को लेकर युवाओं का अनुभव बहुत खराब रहा है। गिनती के लोगों तक  ऐसी योजनाओं का लाभ पहुंच पाता है।

जानकार बताते हैं कि बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के बावजूद सरकार ने यह तक बताने की जरूरत नहीं समझी कि प्रदेश में कितने सरकारी पद खाली हैं और वह उनमें कितनी नौकरियां इस साल देने का प्रयास करेगी। 
 
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पुलिस में भर्ती ही उम्मीद की किरण

डेमो - फोटो : डेमो ‌प‌िक
उसने यह भी बताने की जरूरत नहीं समझी कि समूह ‘ग’ की भर्ती करने वाले अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का कब तक गठन कर सरकार भर्तियां शुरू करवा देगी। सरकार इस संबंध में स्पष्ट आश्वासन देने की स्थिति में थी। वजह, इस आयोग के चेयरमैन इस्तीफा दे चुके हैं। बजट में भी नौकरियों पर चुप्पी से युवा मायूस हुए हैं।
 
सरकार ने पांच साल में पुलिस में डेढ़ लाख नौकरियां देने का एलान जरूर किया है। इनमें 33,200 नौकरियां इसी साल देने की बात शामिल है। 

इनमें 30 हजार पुलिस कांस्टेबल और 3200 सब इंस्पेक्टर की भर्ती होगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस की इस साल भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी भी दी है लेकिन अब तक पुलिस भर्ती बोर्ड इसके विज्ञापन तक नहीं निकाल पाया है। 

यहां यह गौरतलब है कि पुलिस की यह भर्ती सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर करने जा रही है, जहां सरकार को समयबद्ध भर्ती का आश्वासन देना पड़ा है।  
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