मोहनलालगंज। नौकरी का झांसा देकर युवक को बदमाशों ने सऊदी अरब में डेढ़ माह तक बंधक बनाए रखा। रिहा करने के बदले उसके घरवालों से 85 हजार रुपये वसूल लिए। भारतीय दूतावास ने सऊदी पुलिस की मदद से युवक को बचाकर वतन वापसी कराई। पीड़ित की मां ने चार लोगों के खिलाफ मोहनलालगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कैंट के सदर निवासी रेशमा के मुताबिक डेढ़ माह पहले बेटे अनस की मुलाकात मोहनलालगंज के भदेसुआ गांव निवासी मन्नी और उसकी बेटी सहाना से हुई थी। मन्नी ने बताया था कि उसका पति शमीम सऊदी में काम करता है। वह अनस की भी नौकरी लगवा देगा। हामी भरने पर शमीम ने अनस को टूरिस्ट वीजा पर सऊदी बुला लिया। वहां शमीम और उसके साथी आशीष यादव ने रेगिस्तान में बने एक कमरे में अनस को बंधक बनाकर रुपये व पासपोर्ट छीन लिया। छोड़ने के बदले रेशमा से 85 हजार रुपये वसूल लिए। पर रिहा नहीं किया। बल्कि और डेढ़ लाख रुपयों की मांग करने लगे।
डेढ़ माह बाद अनस किसी तरह बचकर भाग निकले और रियाद निवासी रिश्तेदार को कॉल की। रिश्तेदार ने भारतीय दूतावास के अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारियों ने सऊदी पुलिस की मदद से युवक को खोजकर भारत भिजवा दिया। एसीपी रजनीश वर्मा के मुताबिक शमीम उसकी पत्नी मन्नी, बेटी और साथी अशीष के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शमीम और आशीष अभी सऊदी में हैं। विदेश मंत्रालय को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी।