इस बार पंचायत चुनाव में युवाओं का जलवा छाया रहा। पंचायतों की 62 फीसदी से अधिक सीटों पर 45 वर्ष तक के युवाओं ने कब्जा जमाया है, जबकि आधी पंचायतें तो ऐसी हैं जहां पर 35 वर्ष से भी कम उम्र के युवाओं ने चुनाव जीता है। केवल 35 फीसदी प्रत्याशी ही ऐसे हैं जिनकी उम्र 46 से 60 वर्ष के बीच है। 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले ज्यादातर उम्मीदवारों को तो मतदाताओं ने नकार दिया। 60 वर्ष से अधिक वाले विजयी प्रत्याशियों की संख्या महज तीन फीसदी ही है।
पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 77576 पदों के लिए चार लाख से अधिक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। मतगणना के बाद जो परिणाम आए हैं, वह बेहद रोचक हैं। ‘अमर उजाला’ ने जब इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि 21 से 35 वर्ष के युवाओं ने करीब 50 फीसदी सीटों पर अपनी जीत दर्ज कराई है। वहीं, 36 से 45 वर्ष की उम्र के करीब 12 फीसदी उम्मीदवार विजयी रहे हैं।
41 फीसदी महिलाओं ने दिखाया वर्चस्व
पंचायत चुनाव में यूं तो महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण होता है, लेकिन इस चुनाव में महिलाओं ने ऐसी सीटों पर भी अपना वर्चस्व दिखाया है जो सामान्य थीं। यानी उन्होंने पुरुषों से ये सीटें छीनी हैं। यही वजह है कि पंचायत चुनाव में 41 फीसदी महिलाएं जीतकर आई हैं। इनमें भी 31 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जो युवा हैं। जीतने वाली केवल 10 फीसदी महिला प्रत्याशी ही ऐसी हैं जिनकी उम्र 46 वर्ष से अधिक है। वहीं, 59 फीसदी पुरुष ही इस चुनाव में जीत सके हैं।