लखनऊ। पीजीआई इलाके के सरथुआ गांव में शुक्रवार को हुई गैंगवार में जगतखेड़ा गांव निवासी शटरिंग कारीगर अभिषेक रावत (30) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। कुछ लोगों ने उन्हें फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। वारदात में दूसरे पक्ष का अखिलेश रावत भी घायल हुआ है, जिसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में आठ लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
मां पुष्पा ने बताया कि अभिषेक सुबह काम से निकला था। शाम के समय फोन कर कुछ लोगों ने उसे मिलने के लिए सरथुआ गांव बुलाया। अभिषेक कुछ साथियों के साथ पहुंचा। आरोप है कि जैसे ही वह गांव में दाखिल हुआ, पहले से मौजूद अखिलेश, राधे, अमन, अरुण, राजू, सचिन, अपीन लोधी, शिवम और अन्य ने हमला बोल दिया। आरोपी लाठी, डंडा, कुल्हाड़ी, कलछुल और तमंचा लेकर आए थे।
अचानक हुए हमले से अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि आधे घंटे तक दोनों पक्षों से पथराव हुआ। इस दौरान कई राउंड गोलियां भी चलीं। इससे दहशत में आए लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया। जमकर बवाल के बीच हमलावरों ने अभिषेक को बुरी तरह पीटा। लहूलुहान अभिषेक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। उधर, बवाल बढ़ता देख उसके साथी भाग निकले। अभिषेक करीब 20 मिनट तक लहूलुहान पड़े रहे। पुलिस के गांव पहुंचने पर हमलावर भाग गए। घायल मिले एक आरोपी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को मौके से पांच क्षतिग्रस्त बाइकें मिली हैं।
पहले भी हो चुका था विवाद
इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों में पुराना विवाद था। दोनों गुट कई बार मारपीट कर चुके थे। अक्सर परिजन समझौता कर लेते थे। शुक्रवार को दोनों पक्ष में किस बात पर विवाद हुआ, इसके बारे में छानबीन की जा रही है। अखिलेश के घायल होने के कारण पुलिस उससे पूछताछ नहीं कर सकी है।
पांच टीमें गठित, दबिश जारी
एडीसीपी दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। मृतक की मां की तहरीर पर अखिलेश, राधे, अमन, अरुण, राजू, सचिन, अपीन लोधी और अन्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुष्पा ने बताया कि उनके पति विनोद रावत की तीन वर्ष पहले मौत हो गई थी। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। अभिषेक ही कमाने वाला था। वह प्रॉपर्टी का काम भी करता था।
अभिषेक की हत्या के बाद मोैके पर जमा भीड़ व पुलिस।
अभिषेक की हत्या के बाद मोैके पर जमा भीड़ व पुलिस।
अभिषेक की हत्या के बाद मोैके पर जमा भीड़ व पुलिस।
अभिषेक की हत्या के बाद मोैके पर जमा भीड़ व पुलिस।
अभिषेक की हत्या के बाद मोैके पर जमा भीड़ व पुलिस।
अभिषेक की हत्या के बाद मोैके पर जमा भीड़ व पुलिस।
अभिषेक की हत्या के बाद मोैके पर जमा भीड़ व पुलिस।