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Ayodhya: जेल में आतंक के आरोपी युवक की हत्या, परिजन बोले- बचपन में पांचों वक्त की नमाज पढ़ता था

Mon, 09 Feb 2026 07:17 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, मिल्कीपुर(अयोध्या)

सार

आतंक के आरोपी अब्दुल की फरीदाबाद जेल में साथी कैदी ने हत्या कर दी। परिजनों ने उसे निर्दोष बताया और कहा कि वो एक दोस्त के बुलाने पर दिल्ली गया था। उसके बाद विशाखापट्टनम पहुंचा, वहां जमात में शामिल हो गया।
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संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद इनायतनगर थाने के मजनाई निवासी संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की साथी कैदी ने रविवार रात हत्या कर दी। यह सूचना घर वालों को मिली तो चीख पुकार मच गई। रोते बिलखते परिजन सोमवार सुबह शव लेने के लिए फरीदाबाद रवाना हो गए।

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हरियाणा एसटीएफ ने मार्च 2025 में अब्दुल रहमान को हरियाणा के पाली से ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ व जांच में उसके आतंकी संगठन व पड़ोसी देश पाकिस्तान से कनेक्शन का पता चला था। न्यायालय से सजा होने के बाद उसे फरीदाबाद की नीमका जेल में रखा गया था। बताया गया कि आरोपी की जेल में साथी कैदी अरुण चौधरी ने हत्या कर दी। अब्दुल के पिता अबू बकर बेटे का शव लेने गए हैं। घर पर मां और बहन का रो रोकर बुरा हाल है।

आरोपी अब्दुल रहमान की मां यास्मीन ने बताया कि 2005 में मजनाई गांव में ही जन्म हुआ। मदरसे में दीनी शिक्षा व कक्षा दस तक कि पढ़ाई मनीराम यादव इंटर कालेज मजनाई में की। शुरुआती दिनों में वह पांचों वक्त का नमाजी था। बताया जा रहा कि पकड़े जाने से पूर्व कुछ समय फैजाबाद पुरानी सब्जी मंडी निवासी मौलाना उस्मान हजरत के संपर्क में रहा था। उसके बाद दिल्ली होते हुए विशाखापट्टनम पहुंचा, वहां जमात में शामिल हो गया।
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परिवार के लोग बता रहे निर्दोष
हरियाणा के पाली में ग्रेनेड के साथ पकड़े जाने के बाद से ही परिवार के लोग आरोपी अब्दुल रहमान को बेकसूर बता रहे हैं। उनका कहना है कि वह जब तक घर पर था, ई रिक्शा चलाता था। घर पर भी व्यस्त ही रहता था। कुछ न कुछ बनाता ही रहता था। एक मार्च 2025 को किसी दोस्त के बुलाने पर दिल्ली गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर पुलिस ही लेकर आई। अब्दुल की तीन बहनें 15 वर्षीय आसमा, 12 वर्ष की अल्फिया व छह वर्षीय अल्फिसा है। बहनें भी भाई को निर्दोष बता रही हैं।
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