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Lucknow News: रोजागर मेले में लगी नौकरी युवतियों ने छोड़ी, बोली- दावे के इतर तनख्वाह थी कम और काम था ज्यादा

Sun, 06 Jul 2025 01:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। एलडीए निवासी स्वाति गुप्ता को एलआईसी और बाहर एक निजी कंपनी की ओर से जॉब ऑफर किया गया। साक्षात्कार के लिए ऑफिस बुलाया गया लेकिन, कम वेतन का हवाला देते हुए वह साक्षात्कार में शामिल नहीं हुईं। बताया कि हजरतगंज में ऑफिस था, कम वेतन है, महीने का खर्च भी पूरा नहीं होगा।
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ऐशबाग निवासी दीपाली कुमारी को एलआईसी की ओर से सात से 10 हजार रुपये महीने का जॉब ऑफर किया गया। वह ऑफिस पहुंचीं तो बताया गया कि काम के आधार पर पैसे दिए जाएंगे। दीपाली ने बताया कि आठ घंटे की ड्यूटी लेकिन, वेतन के नाम पर कुछ नहीं है। इससे अच्छा सरकारी नौकरी की तैयारी करूं।
बंगला बाजार निवासी आकांक्षा पाटिल की वीविंग कंपनी में नौकरी लगी। उन्हें गोमतीनगर के एक संस्थान में कॉल सेंटर पर सेवा देनी थी। दो दिन ऑफिस गईं लेकिन, काम समझ में नहीं आया और नौकरी छोड़ दी। उन्होंने बताया कि आठ से नौ घंटे फोन पर बात करना उनके बस की बात नहीं है। स्नातक हूं। किसी अन्य कंपनी में प्रयास कर रहीं हूं।
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राजधानी की शिक्षित युवतियों को रोजगार मेले में मल्टीनेशनल कंपनियों की ओर से आकर्षक पैकेज का वादा किया गया, लेकिन जब साक्षात्कार के बाद असली ऑफर लेटर सामने आया, तो वेतन की रकम और शर्तें उम्मीद से काफी कम निकलीं। इस कारण अधिकांश युवतियों ने नौकरी जॉइन करने से इन्कार कर दिया।

बीते महीने सरोजनीनगर ब्लॉक परिसर में आयोजित रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों ने 130 युवतियों को नौकरी का ऑफर दिया। युवतियों कहना है कि इंटरव्यू से पहले कंपनियों ने 15-20 हजार प्रतिमाह का दावा किया था। जब नौकरी जॉइन की तो 8 से 10 हजार रुपये महीना ही देने को कहा। साथ ही काम के घंटे भी ज्यादा थे। (संवाद)

वेतन और वर्क प्रोफाइल में असमानता
कई युवतियों ने बताया कि न केवल वेतन में कटौती दिखी, बल्कि वर्क प्रोफाइल भी बदला हुआ था। एक युवती को बताया गया कि वह ऑफिस असिस्टेंट का काम करेगी, लेकिन कंपनी के ऑफिस में पहुंचने पर उसे फील्ड वर्क और सेल्स का काम सौंपा गया।

युवतियों को किया जाएगा जागरूक
जिला सेवायोजन अधिकारी प्रज्ञा त्रिपाठी के अनुसार, रोजगार मेले में 130 युवतियों को नौकरियों के ऑफर दिए गए, जिनमें से 50 फीसदी को लखनऊ में ही काम करना था। फिर भी बड़ी संख्या में युवतियों ने जॉइनिंग से इन्कार कर दिया। विभाग की ओर से जल्द ही उन्हें रोजगार और नौकरी की उपयोगिता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
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