लखनऊ। तत्काल टिकटों की सेंधमारी नहीं थम रही है। मलाड (मुंबई) में यात्री का तत्काल टिकट बनाकर उसे ट्रेन से लखनऊ भेजा गया, मगर ऐशबाग स्टेशन पर आरपीएफ ने दलाल को तत्काल टिकट के साथ धर लिया। टिकट की कीमत 3,740 रुपये है।
तत्काल टिकटों की कालाबाजारी का अंतरराज्यीय गिरोह अब भी सक्रिय है। हाल ही में दक्षिण की ट्रेनों के टिकट मुंबई में बनाकर उन्हें विमान से लखनऊ भेजने का मामला उजागर हो चुका है। इसी क्रम में गत दिवस आरपीएफ की अपराध शाखा ने ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर एक दलाल को तत्काल टिकट के साथ दबोचा है।
आरपीएफ निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि टीम ऐशबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तीन पर चेकिंग कर रही थी। इसी बीच गाड़ी संख्या 12107 एलटीटी-सीतापुर एक्सप्रेस में अमेठी के सीलोखर निवासी दलाल राज कुशल वर्मा संदिग्ध नजर आया। उससे पूछताछ की गई तो उसके पास से रेलवे का तत्काल टिकट बरामद हुआ। टिकट को मुंबई में रेलवे काउंटर पर बनवाया गया था।
देवरिया में डिलीवर करना था टिकट
आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि गाड़ी संख्या 20104 आजमगढ़-मुंबई एक्सप्रेस में स्लीपर का तत्काल टिकट तीन जुलाई की तारीख में बनवाया गया था, जिस पर यात्री को चार जुलाई को यात्रा करनी थी। टिकट का पीएनआर नंबर 7388126909 था। दलाल राज कुशल यह टिकट यात्री तक पहुंचाने जा रहा था। लखनऊ से आगे का सफर वह बस से करने वाला था, मगर वह पकड़ लिया गया।
दो संदिग्ध रडार पर
तत्काल टिकटों की कालाबाजारी का रैकेट मुंबई तक फैला है। मुंबई में काउंटरों से तत्काल टिकट बनवाकर उन्हें लखनऊ भिजवाया जाता रहा है। हाल ही में मुंबई में बने तत्काल टिकट को विमान से लखनऊ भेजा गया था। इससे पहले पुष्पक एक्सप्रेस से टिकट भेजे जाने के मामले सामने आ चुके हैं। उपरोक्त मामले को लेकर आरपीएफ के रडार पर दो संदिग्ध भी हैं। इसमें लखनऊ के मो. शाबान व मुंबई के टोनी उर्फ जय मिश्र का नाम शामिल है।