सरोजनीनगर। बंथरा इलाके में धर्मेंद्र यादव (32) का शव उनकी ससुराल में पेड़ के नीचे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। उनके गले में गमछे का आधा हिस्सा बंधा था, जबकि बाकी हिस्सा जामुन के पेड़ की डाल से लटका था। घटना से पहले धर्मेंद्र ने परिवार संग बेटी का जन्मदिन भी मनाया था।
पारा के हंस खेड़ा निवासी धर्मेंद्र पत्नी कुमकुम और छह माह की बेटी अदिति के साथ पिछले करीब डेढ़ महीने से बंथरा के मवई पड़ियाना गांव स्थित ससुराल में रह रहे थे। वह आशियाना इलाके में वकील की निजी कार चलाते थे। रविवार दोपहर वह अपने घर हंस खेड़ा गए और शाम को ससुराल लौट आए। शाम को उन्होंने बेटी अदिति का जन्मदिन परिवार के साथ मनाया। समारोह के बाद रात में धर्मेंद्र भांजी को बाइक से परसादी खेड़ा छोड़ने गए थे। इसके बाद वह नहीं लौटे।
सोमवार सुबह उनकी सास आम बीनने बाग जा रही थीं, तभी घर से करीब 500 मीटर दूर जामुन के पेड़ के नीचे धर्मेंद्र का शव मिला। उनके बड़े भाई जितेंद्र ने बताया कि धर्मेंद्र के गले पर कसाव का स्पष्ट निशान नहीं था और उनकी बाइक भी वहीं खड़ी मिली। मोबाइल कॉल डिटेल से पता चला कि धर्मेंद्र ने रात में कई बार ससुराल में फोन किया, पर किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। इंस्पेक्टर राणा राजेश सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह आत्महत्या लग रही है, पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।