लखनऊ। गोमतीनगर के विशेष खंड निवासी देवेंद्र सिंह ने शनिवार को खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बेहोशी की हालत से कमरे से बाहर निकाला और दमकल कर्मियों की मदद से आग बुझाई।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि मूलरूप से रायबरेली के लालगंज बैसवारा गांव निवासी देवेंद्र सिंह (36) की पत्नी रक्षाबंधन के मौके पर बेटी के साथ मायके गई थीं। देवेंद्र घर पर अकेले थे। शनिवार शाम करीब छह बजे उन्होंने मकान की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में खुद को बंद कर आग लगा ली। कमरे में धुआं भरने से देवेंद्र बेहोश होकर गिर गए। पड़ोसियों ने कमरे से धुआं निकलते देखा तो इसकी सूचना देवेंद्र के भाई राघवेंद्र को दी। उन्होंने मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे दरोगा गौरव कुमार और सिपाही रवि कोरी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और अचेत देवेंद्र को किसी तरह कमरे से बाहर निकाला। दरोगा गौरव कुमार ने बताया कि दो साल पहले देवेंद्र एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। इसके बाद से वह मानसिक रूप से बीमार रहने लगे। वह आग लगने की वजह नहीं बता सके।