लखनऊ। आप लोग मेरी ऑनलाइन गेमिंग से परेशान हैंं...यह बात सुसाइड नोट में लिख इंटर के छात्र गोमतीनगर विस्तार छोटा भरवारा स्थित विकास विहार निवासी छात्र सिद्धार्थ (18) ने फंदा लगाकर जान दे दी।
इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार सुधीर अवस्थी ने बताया कि छात्र मूल रूप से आजमगढ़ बहेरा गांव का रहने वाला था। वह पिता रविंद्र प्रताप, मां प्रतिभा और दो बहनों के साथ रहता था। पिता फार्मा कंपनी में एमआर हैं।
रविंद्र प्रताप ने बताया कि सिद्धार्थ आजमगढ़ से इंटर की पढ़ाई कर रहा था। प्रतिभा कुछ दिन पहले मायके आजमगढ़ गई हुई थीं। बृहस्पतिवार सुबह वह घर के निचले हिस्से में बने कमरे में गए तो बेटे को फंदे से लटका देखा। मौके पर पहुंची पुलिस को छानबीन के दौरान सिद्धार्थ के एक पन्ने का अंग्रेजी में लिखा नोट मिला।
सुसाइड नोट में उसने इस बात का जिक्र किया था वह ढंग से पढ़ाई नहीं कर पा रहा है। उसने अपनी गेमिंग से घरवालों के परेशान होने की बात लिखी थी। घर वाले गेम खेलने से मना करते हैं। पर वह गेम खेलना नहीं छोड़ पा रहा है। उसे डर है कि कहीं वह अधिक पैसे न हार जाए। अंत में उसने अपनी मौत का स्वयं को जिम्मेदार ठहराते हुए मां-पिता को एक दूसरे का ख्याल रखने की बात लिखी थी। सिद्धार्थ के परिजन घटना के संबंध में कुछ भी बताने के लिए राजी नहीं हुए।
ऑनलाइन फायर फाइटर गेम खेलता था: एसीपी गोमतीनगर बृज नारायण सिंह ने बताया कि सिद्धार्थ के दोस्तों ने मुताबिक वह ऑनलाइन फायर फाइटर गेम खेलता था। पहले कुछ रुपये लगाकर खेलना शुरू किया था। बाद में वह फ्री वर्जन खेलने लगा। उसका मोबाइल कब्जे में लिया गया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
बंथरा निवासी 10वीं का छात्र शिवा कश्यप (17) गेम के चलते कर्जदार हो गया था। इस पर उसने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
गेम की लत के चलते न्यू हैदराबाद निवासी कक्षा-4 के छात्र ने अपने पिता के बैंक खाते से हजारों रुपये पार कर दिए थे।
मोबाइल फ्री जोन बनाएं
बच्चों को मोबाइल की लत से छुटकारा पाने के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें बताएं कि वे ऐसा कर सकते हैं। घर में कुछ जगह तय करें जहां मोबाइल का उपयोग बिल्कुल न हो, जैसे कि खाने की टेबल, स्टडी रूम, और बेडरूम।
-डाॅ. देवाशीष, मनोचिकित्सक बलरामपुर अस्पताल