मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार जांच करते रहने से कोरोनावायरस की चेन टूटेगी। वह शुक्रवार को टीम 9 के साथ कोरोना नियंत्रण की समीक्षा कर रहे थे।
अब प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या दो लाख से कम होकर 1,93,815 रह गई है। बीते 30 अप्रैल को प्रदेश में सर्वाधिक 03 लाख 10 हजार एक्टिव केस थे, जिसके सापेक्ष बीते 14 दिनों में लगभग 1 लाख 17 हजार की गिरावट आई है। वर्तमान में 1,57,257 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। निगरानी समितियों के माध्यम से होम आइसोलेशन के मरीजों और जरूरत के अनुसार उनके परिजनों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए।
गांव में जांच का मिलेगा फायदा
वर्तमान में 97,000 से अधिक राजस्व गांवों में वृहद टेस्टिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा नीति आयोग ने भी हमारे इस अभियान की सराहना की है। हर लक्षणयुक्त/संदिग्ध व्यक्ति की एंटीजन जांच की जाए।आरआरटी टीम की संख्या बढ़ाई जाए। कोविड प्रबंधन में निगरानी समितियों की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। प्रत्येक जिले के लिए सचिव अथवा इससे ऊपर स्तर के एक-एक अधिकारी को नामित किया जाए। जबकि न्याय पंचायत स्तर पर जनपद स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर प्रभारी के रूप में तैनात किया जाए।
एसीएस स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा प्रत्येक दशा में इन उपकरणों को क्रियाशील होना सुनिश्चित कराएं। संबंधित जिलों से संपर्क कर इस संबंध में उनकी समस्याओं का निराकरण कराएं। इसके उपरांत भी यदि वेंटिलेटर/ऑक्सीजन कंसंट्रेटर क्रियाशील न होने की सूचना प्राप्त हुई तो संबंधित डीएम/सीएमओ की जवाबदेही तय की जाएगी।
होम आइसोलेशन वालों के लिए बढ़ाएं ऑक्सीजन
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि होम आइसोलेशन में उपचाराधीन मरीजों को ऑक्सिजन आपूर्ति की व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत है। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन कोविड मरीजों, लक्षणयुक्त संदिग्ध मरीजों, गंभीर रोग से पीड़ित नॉन कोविड मरीजों अथवा चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार जिस भी मरीज के लिए ऑक्सिजन की जरूरत हो, उसे ऑक्सिजन जरूर उपलब्ध कराया गया। सभी जिलों में घर पर उपचाराधीन लोगों को ऑक्सिजन की सुचारु आपूर्ति होनी चाहिए।