योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाल ही करीब डेढ़ दर्जन योजनाओं व परियोजनाओं के नाम से ‘समाजवादी’ शब्द हटाने का फरमान सुना दिया, लेकिन समाजवादी महापुरुषों और दिवंगत सपा नेताओं के नाम से जुड़ी योजनाओं पर कोई फैसला नहीं किया है।
सूबे में डॉ. राम मनोहर लोहिया से लेकर जनेश्वर मिश्र तक के नाम से योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में अधिकारी ऊहापोह में हैं कि इन योजनाओं का क्या होगा?
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ी संख्या में समाजवादी महापुरुषों और सपा नेताओं के नाम से योजनाएं शुरू की थीं। डॉ. राम मनोहर लोहिया समाजवाद के पुरोधा माने जाते हैं। सपा शासनकाल में डॉ. लोहिया के नाम से कई विभागों ने योजनाएं शुरू की गईं।
इनमें डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, लोहिया बस सेवा, डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय नलकूप निर्माण योजना, राजकीय नलकूप आधुनिकीकरण योजना, राजकीय नलकूप पुनर्निर्माण योजना तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया सामूहिक नलकूप योजना शामिल हैं।
इसके अलावा छोटे लोहिया के नाम से मशहूर स्व. जनेश्वर मिश्र के नाम पर मंडी परिषद ने जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना शुरू की थी। इसके तहत चयनित गांवों में सीसी रोड, नाली निर्माण व बिजली के काम कराए जाते थे। इसी तरह संस्कृत संस्थान जनेश्वर मिश्र की जयंती पर उनके नाम पर एक प्रतिष्ठित संस्कृत विद्वान को पुरस्कार देता है।