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सादा जीवन और बड़े विजन वाले नेता हैं योगी: चिदानंद सरस्वती

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माई सिटी रिपोर्टर

लखनऊ। अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष व आध्यात्मिक गुरु स्वामी चिदानंद सरस्वती ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को अनुशासन, संकल्प और सिद्धि की राह पर चलने का आवाह्न किया।

इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सादगी से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग साझा किया। कहा कि योगी आदित्यनाथ का जीवन जितना साधारण है, उनका नेतृत्व उतना ही प्रभावशाली और परिवर्तनकारी है।
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स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बताया कि करीब 28 वर्षों बाद योगी आदित्यनाथ अपने गांव पहुंचे थे, जहां एक स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में वे शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोजन के बाद जब बाथरूम के बारे में पूछा गया तो सभी हैरान रह गए। जिस घर को योगी आदित्यनाथ वर्षों पहले छोड़कर गए थे, वहां आज भी बेहद साधारण तीन गुणा चार फीट का बाथरूम है और उसमें टाइल तक नहीं लगी है।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्चा नेतृत्व दिखावे से नहीं, बल्कि संकल्प, अनुशासन और सेवा भाव से चलता है। स्वामी चिदानंद ने कहा कि भले ही उनका घर साधारण हो, लेकिन उन्होंने उत्तर प्रदेश को विकास, सुरक्षा और बेहतर प्रशासन की नई दिशा देने का काम किया है।



भारत के लोग आध्यात्मिक, पश्चिम में है खालीपन

संवाद कार्यक्रम में संत चिदानंद के साथ मंच पर साध्वी भगवती सरस्वती ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने अमेरिका से भारत तक की अपनी आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव साझा किया।
साध्वी भगवती सरस्वती ने बताया कि वह अमेरिका में पीएचडी कर रही थीं। इसी दौरान वह थोड़े दिनों के लिए केवल एक बैकपैक लेकर भारत भ्रमण पर आईं। लेकिन यहां की संस्कृति, आध्यात्मिकता और
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ईश्वर व मां गंगा में लोगों की आस्था से इतनी प्रभावित हुईं कि यहीं की होकर रह गईं।

उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोगों के पास भौतिक सुविधाएं तो बहुत हैं, लेकिन उनके भीतर खालीपन दिखाई देता है। वहीं भारत में सीमित संसाधनों के बावजूद लोग संतोष और शांति के साथ जीवन जीते हैं। उन्होंने कहा कि यहां सामान्य व्यक्ति भी आध्यात्मिक सोच रखता है और यही भावना उन्हें सबसे अधिक प्रभावित कर गई।

साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति और गंगा तट की आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रेरित होकर उन्होंने जीवनभर गंगा किनारे रहने का संकल्प लिया।


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