ये बने कैबिनेट मंत्री
डॉ. महेंद्र सिंह, सुरेश राणा, अनिल राजभर, भूपेंद्र सिंह चौधरी, रामनरेश अग्निहोत्री, कमलरानी वरुण (इनमें
राम नरेश अग्निहोत्री व
कमलरानी नया चेहरा हैं।)
ये बने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
डॉ. नीलकंठ तिवारी, कपिलदेव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, अशोक कटियार, श्रीराम चौहान, रविंद्र जायसवाल शामिल हैं। (इनमें नीलकंठ को छोड़कर सभी नए चेहरे हैं।)
11 विधायक बने राज्यमंत्री
अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ला, डॉ. गिर्राज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रामशंकर सिंह पटेल, अजित सिंह पाल और विजय कश्यप ।
पहले विस्तार के बाद योगी मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या 56 हो गई है। इसमें 25 कैबिनेट, नौ राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार तथा 22 राज्यमंत्री हैं। मार्च 2017 में जब योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तब मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या 47 थी।
लोकसभा चुनाव में सांसद चुने जाने के बाद तीन मंत्रियों सत्यदेव पचौरी, रीता बहुगुणा जोशी व डॉ. एसपी सिंह बघेल ने इस्तीफा दे दिया था जबकि ओम प्रकाश राजभर को बर्खास्त कर दिया गया था।
वहीं, स्वतंत्रदेव सिंह ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था, जबकि विस्तार से एक दिन पहले मंगलवार को वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल व भूतत्व एवं खनिकर्म राज्यमंत्री अर्चना पांडेय से इस्तीफा ले लिया गया था। इसके बाद मंत्रिपरिषद में कुल 38 सदस्य रह गए थे।