बाबा रामदेव व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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प्रदेश सरकार ने बाबा रामदेव के फूड पार्क की मंजूरी और जमीन हस्तांतरण से जुड़ी कार्यवाही के लिए केंद्र सरकार से 30 जून तक का समय मांगा है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग मंत्रालय के सचिव जेपी मीणा को इस संबंध में पत्र लिखा है।
पतंजलि आयुर्वेद के उपाध्यक्ष रविंद्र चौधरी ने दो दिन पहले अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को पत्र लिखा था। चौधरी ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के पत्र का हवाला देते हुए बताया था कि पतंजलि के फूड पार्क को स्थापित किए जाने से जुड़ी कार्यवाही 15 जून तक पूरी नहीं की जाती है तो इस परियोजना को केंद्र बिना किसी सूचना के निरस्त कर देगा।
चौधरी ने आईआईडीसी से पतंजलि आयुर्वेद को आवंटित पूरे 430 एकड़ क्षेत्रफल (25 एकड़ संस्थागत भूमि को छोड़कर) को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास नीति-202 के अंतर्गत सुपर मेगा परियोजना की सुविधाएं पतंजलि आयुर्वेद के साथ उसकी पूर्ण अनुषांगिक इकाइयों को दिए जाने की मांग की थी। इसमें जमीन हस्तांतरण से जुड़ी कार्यवाही भी शामिल है।
प्रदेश सरकार पतंजलि के पत्र की मांग से जुड़ी कार्यवाही पर विचार कर रही है। लेकिन मंगलवार को कैबिनेट के एजेंडे में यह प्रस्ताव शामिल नहीं हो पाया था। अगली कैबिनेट तक केंद्र की दी गई समयसीमा बीत जाएगी। बताया जाता है कि प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने केंद्र के अफसरों से बात कर इससे जुड़ी कार्यवाही के लिए 15 दिन और मांगने का फैसला किया।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त ने केंद्र सरकार को बताया है कि प्रदेश सरकार पतंजलि को सुविधाएं व रियायतें देने पर कार्यवाही कर रही है। ऐसे में इंटर मिनिस्ट्रिीयल अप्रूवल कमेटी द्वारा 15 जून की दी गई समयसीमा 30 जून तक बढ़ा दी जाए। प्रदेश सरकार इससे पहले अंतिम अनुमोदन दे देगी।