यूपी सरकार शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड पर दोबारा शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। यह दोनों वक्फ बोर्ड सपा सरकार के समय गठित हुए थे। सरकार दोनों वक्फ बोर्डों के खिलाफ सुबूत जुटा रही है। इसके बाद इनके चेयरमैन को बोर्ड भंग करने का नोटिस दिया जाएगा। इसमें कोई चूक न हो इसलिए न्याय विभाग से भी परामर्श लिया जा रहा है।
दरअसल, योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के तुरंत बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड के दो नामित सदस्यों जुनैद सिद्दीकी व मौलाना सैयद अहमद अली और शिया वक्फ बोर्ड के छह नामित सदस्यों अख्तर हसन रिजवी, आलिमा जैदी, सैयद वली हैदर, अफशां जैदी, सैयद आजिम हुसैन जैदी व नजमुल हसन रिजवी को हटा दिया गया था।
लेकिन इन लोगों ने सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। जहां कोर्ट ने पाया कि इन्हें हटाने में नियमों का पालन नही किया गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने इन सदस्यों को हटाने के आदेश रद्द कर दिया।
हालांकि कोर्ट ने कहा कि सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर सकती है। अब एक बार फिर इन पर शिकंजा कसने की तैयारी है। लेकिन सदस्यों को हटाने के मामले में मुंह की खाने के बाद सरकार इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है इसीलिए नोटिस से पहले न्याय विभाग से राय मांगी गई है।